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बच्चों को खिलाए ऎसे गेम

मोबाइल रखना आजकल का फैशन बन गया है। ये फैशन हर उम्र को इफेक्ट कर रहा है...

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Super Admin

Jan 16, 2015

जयपुर। मोबाइल रखना आजकल का फैशन बन गया है। ये फैशन हर उम्र को इफेक्ट कर रहा है। चाहे वो बच्चे हो या बड़े हर कोई मोबाइल कैरी करने लगा है। मोबाइल कैरी करना अब शान की बात होने लगी है।

माता-पिता को बच्चों को मोबाइल फोन से दूर ही रखना चाहिए। दो साल की उम्र से लेकर आठ साल तक के बच्चों की कोशिकाओं का तेजी से विकास होता है।

लेकिन मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडिएशन से उनका विकास अवरूद्ध हो सकता है और कई मामलों में स्थिति गंभीर होने पर कैंसर या सीखने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

आजकल ज्यादातर बच्चे मम्मी-पापा के मोबाइल फोन में गेम्स खेलते रहते हैं। इस दौरान वह गेम के कैरेक्टर से खुद को जोड़कर आक्रामक व्यवहार करने लगते हैं। धीरे-धीरे वे हर बात पर चिड़चिड़े हो जाते हैं।

साथी दोस्तों से भी उनकी नहीं बनती और वे टीचर के साथ भी दुर्व्यवहार करते हैं। इसलिए माता-पिता बच्चे को मोबाइल फोन देने की बजाय उन्हें आउटडोर गेम्स जैसे फुटबॉल, बैडमिंटन आदि खेलने के लिए कहें ताकि उनका शारीरिक व मानसिक विकास हो सके।

ब्रिटेन की हैल्थ पॉलिसी के अनुसार 16 साल से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या करीब 4.6 अरब है जिनमें से करीबन 20 से 30 फीसदी यूजर्स 16 साल की उम्र के हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के दिमाग पर वयस्कों के मुकाबले मोबाइल फोन का ज्यादा असर होता है।