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क्या आपका घर तैयार है मानसून के लिए?

मानसून में घर की, खासकर लकड़ी के फर्नीचर और दरवाजे-खिड़कियों की देखभाल बहुत जरूरी होती है, वरना मानसून के बाद उनका आकार और रंग, दोनों खराब हो सकता है। अगर आप अपना घर बारिश के लिए तैयार नहीं रखती हैं तो यह मौसम भारी मुसीबत का कारण बन सकता है। बारिश का मतलब है नमी, बदबू मारते कपड़े, अलमारियों में फंगल इंफेक्शन और भी बहुत कुछ। इसलिए इस खूबसूरत मौसम का मजा आप ले सकें, इसके लिए आपको थोड़ी-सी तैयारी करनी होगी...

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Sangeeta Chaturvedi

Jul 01, 2015


मानसून में घर की, खासकर लकड़ी के फर्नीचर और दरवाजे-खिड़कियों की देखभाल बहुत जरूरी होती है, वरना मानसून के बाद उनका आकार और रंग, दोनों खराब हो सकता है। अगर आप अपना घर बारिश के लिए तैयार नहीं रखती हैं तो यह मौसम भारी मुसीबत का कारण बन सकता है। बारिश का मतलब है नमी, बदबू मारते कपड़े, अलमारियों में फंगल इंफेक्शन और भी बहुत कुछ। इसलिए इस खूबसूरत मौसम का मजा आप ले सकें, इसके लिए आपको थोड़ी-सी तैयारी करनी होगी...


फर्नीचर की देखभाल करें

मौसम की नमी लकड़ी की गुणवत्ता और शेप पर बहुत बुरा असर डालती है। इसमें फंगस जमा हो सकती है। इस मौसम में हल्के गीले कपड़े की बजाय साफ-नरम और सूखे कपड़े से फर्नीचर साफ करें। लेमिनेटेड फर्नीचर जैसे स्टडी डेस्क, अलमारी, शटर या डोर को साफ करने के लिए साबुन और पानी का इस्तेमाल करें। इस बात का खास खयाल रखें कि अलमारी में रखने से पहले कपड़े पूरी तरह से सूख चुके हों। अलमारी में थोड़ी-बहुत सूखी नीम की पत्तियां भी डाल दें।


कारपेट्स और रग्स साफ रखें

मानसून कारपेट्स और रग्स पर बहुत ही बुरा असर डालता है। बारिश में खिड़कियां खुली न रखें, उनसे नमी अंदर आकर कारपेट्स में समा जाएगी। नम कारपेट्स फंगस का बहुत बड़ा घर होते हैं। इसी तरह से कारपेट पर गीले फुटवियर ले जाने से भी बचें। बेहतर होगा कि पंखा चलाए रखें। कारपेट्स को नियमित रूप से वैक्यूम क्लीन करती रहें। वैसे अच्छा यही होगा कि इस मौसम में भारी कारपेट्स उठा कर रख दें। आप ईकोफ्रेंडली कारपेट्स भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इनकी ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती।


सीलन आने से रोकें

बारिश के दिनों में अक्सर दीवारों और छतों पर सीलन आ जाती है। अगर दीवार या छत पर हल्की सी भी दरार है, खिड़कियां सही नहीं हैं तो घर की दीवारें बुरी तरह से प्रभावित होती हैं। इससे पेंट भी पपड़ी के रूप में उतर सकता है। इन दिनों जो पेंट्स लगाए जाते हैं, वे भी नमी को आसानी से पकड़ लेते हैं और फिर पपड़ी के रूप में उतर जाते हैं। आरसीसी की छत में भी पानी घुस सकता है। इसलिए बारिश आने से पहले ही पूरे घर की दीवारों को चेक करें और सारे पाइपों और नालियों की सफाई करवा लें।


सोफों की सफाई

बारिश के मौसम सोफों को वैक्यूम क्लीन करना न भूलें। वैक्यूमिंग करते समय क्लीनर को गर्म हवा वाले मोड पर रखें। सोफे के कोनों में नेफ्थलीन की गोलियां डाल दें।


ऐसा भी करें

रसोई के सारे केबिनेट्स को खाली करके अच्छी तरह साफ करें। खाना खुला न छोड़ें। फ्रिज को भी अच्छी तरह साफ करके देख लें, जो खाद्य सामग्री पुरानी हो गई है, उसे फेंक दें। पेड़-पौधों की कटाई करें। बारिश में पेड़-पौधे जल्दी बढ़ते हैं, इसलिए इन्हें ट्रिम कर दें।


बारिश के मौसम में दीमक बहुत तेजी से बढ़ती है। इसलिए पूरे घर के खिड़की-दरवाजे चेक करें कि कहीं कोई दीमक तो नहीं लगी हुई। इस मौसम में घर में कोई तोड़-फोड़ या रिनोवेशन न करवाएं।

बारिश से पहले गद्दों को निकालकर धूप दिखा दें। इससे बारिश में कोई कीड़े बिस्तरों में नहीं लगेंगे।

नमी को पूरी तरह से नियंत्रित करने की कोशिश करें। इलेक्ट्रिकल गैजेट्स को लेकर विशेष सावधानी बरतें। उन्हें सिलिकॉन पाउच में रखें।