मोहाली। आपको 1984-85 की भारत-इंग्लैंड सीरीज याद है या फिर 2002 की इन दोनों देशों के बीच खेली गई सीरीज? अब आप पूछेंगे कि आखिर इन दोनों सीरीज की यहां चर्चा क्यों की जा रही है? दरअसल ये दोनों सीरीज बहुत शानदार उदाहरण है अंग्रेज टीम के भारत के खिलाफ पलटवार करने की आदत का। इस बार भी मेहमान टीम 5 टेस्ट की सीरीज में 1-0 से पिछड़ी हुई है।
एेसे में उम्मीद की जा रही है कि 26 नवंबर से मोहाली में ही शुरू होने जा रहे सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लिश टीम पलटवार करेगी। लेकिन दूसरी तरफ यह भी सच है कि मोहाली का स्टेडियम टीम इंडिया का वो गढ़ है, जहां वह पिछले 22 साल से अपराजित है। एेसे में भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज के इस तीसरे टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा निगाहें इसी बात पर होगी कि कौन भारी पड़ेगा, इंग्लैंड का भारत के खिलाफ इतिहास या भारतीय टीम का इस मैदान पर पिछला प्रदर्शन?
100 प्रतिशत है अंग्रेजों का पलटवार का रिकॉर्ड
भारतीय जमीन पर 1984-85 में इंग्लैंड के पहला टेस्ट हार जाने के बाद दिल्ली में हुए 5 टेस्ट की सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में जीत हासिल करने के बाद अगले तीन टेस्ट में से 2 को ड्रॉ कराने और एक को जीतकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा करना एक शानदार उदाहरण रहा है अंग्रेजों के पलटवार का। इसके बाद दोनों देशों के बीच खेली गई सभी सीरीज (इंग्लैंड या भारतीय धरती पर) को देखें तो एेसी सभी सीरीज जहां इंग्लैंड के हारकर पिछडऩे के बाद 3 या ज्यादा टेस्ट बचे हों, उसने भारत पर सीरीज जीत हासिल की है।
यदि सीरीज 3 ही टेस्ट की रही है तो इंग्लैंड का यह रिकॉर्ड 100 प्रतिशत से घटकर 50 प्रतिशत पर आ जाता है यानि पलटवार में अंग्रेज पूरी तरह माहिर हैं। 1984-85 की सीरीज और वर्तमान सीरीज के बीच 12 सीरीज दोनों देशों के बीच खेली गई हैं। इनमें से 8 सीरीज 3 या उससे कम टेस्ट मैचों की रही हैं, जबकि बाकी 4 सीरीज में 4 या उससे ज्यादा टेस्ट मैच खेले गए हैं। यदि सिर्फ इन चारों सीरीज की बात करें तो इंग्लैंड ने इनमें से 3 सीरीज जीती है, जबकि 1 ड्रॉ रही है।
पिछड़कर कब-कब जीते अंग्रेज
वर्ष कहां कुल टेस्ट अंग्रेज जीते भारत जीता परिणाम
2002 इंग्लैंड 04 पहला तीसरा 1-1 (ड्रॉ)
2011 इंग्लैंड 04 चारों टेस्ट कोई नहीं 4-0 (इंग्लैंड)
2012 भारत 04 दूसरा व तीसरा पहला 2-1 (इंग्लैंड)
2014 इंग्लैंड 05 तीसरा, चौथा व 5वां दूसरा 3-1 (इंग्लैंड)
मोहाली में भारतीय पलड़ा भारी
भारत ने इस मैदान पर अपने पिछले तीन टेस्टों में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी दिग्गज टीमों को हराया और अब उसके निशाने पर इंग्लैंड की टीम होगी। मोहाली में टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत दिसंबर 1994 में हुई थी और तब वेस्टइंडीज ने भारत को 243 रन से हराया था। लेकिन इसके बाद 22 साल में यहां खेले गए 11 टेस्ट मैचों में भारत ने एक भी मैच नहीं गंवाया है। इन 11 टेस्टों में भारत ने छह टेस्ट जीते हैं और पांच टेस्ट ड्रॉ खेले हैं। इनमें दो बार इंग्लैंड को भी हरा चुका है भारत और उससे एक ड्रॉ खेला।
भारत के पिछले चार टेस्ट
2008 अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया को 320 रन से हराया
2010 में ऑस्ट्रेलिया पर एक विकेट से जीत हासिल की
2013 मार्च में ऑस्ट्रेलिया को ही छह विकेट से हराया
2015 नवंबर में यहां हुए आखिरी टेस्ट में द. अफ्रीका को 108 रन से शिकस्त दी
यहां अंग्रेज भी रहे हैं फेल
भले ही अंग्रेजों का पलटवार का रिकॉर्ड रहा हो, लेकिन बात यदि मोहाली की ही की जाए, जहां सीरीज का तीसरा मुकाबला होने जा रहा है तो इसमें भारत का पलड़ा भारी है। भारतीय टीम इस मैदान पर अभी तक अंग्रेजों के लिए अपराजेय साबित हुई है।
03 टेस्ट हुए हैं भारत-इंग्लैंड के बीच मोहाली में
02 बार भारत जीता है, जबकि एक रहा ड्रॉ
2001 दिसंबर में भारत जीता था 10 विकेट से
2006 मार्च में भारत ने इंग्लैंड को नौ विकेट से हराया
2008 दिसंबर में यहां दोनों टीमों के बीच मैच ड्रॉ रहा