राहुल ने कार्यक्रम में बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कई बड़ी पारियां खेली। कई बार कई आलसी पारियां भी खेली। तब उनको एक अखबार के पत्रकार ने पहली बार ये नाम दिया। उन्हें ये नाम नकारात्मक या सकारात्मक रूप में पहली बार मिला ये तो कहना मुश्किल है, लेकिन मीडिया के लिए ये नाम इस्तेमाल करना बेहद आसान हो गया, क्योंकि दोनों ही पहलुओं में वो इस नाम का इस्तेमाल कर सकते थे।