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फैब-5 के हाथों में है भारतीय क्रिकेट का भविष्य

ये खिलाड़ी हैं- मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, 'दादा' सौरव गांगुली, 'द वॉल' राहुल द्रविड़, 'वेरी-वेरी स्पेशल' वीवीएस लक्ष्मण और 'जंबो' अनिल कुंबले।

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Kamal Singh Rajpoot

Jun 24, 2016

FAB-5

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नई दिल्ली। एक समय भारतीय क्रिकेट टीम के अदंर पांच खिलाडिय़ों का अहम रोल हुआ करता था। इन पांचों खिलाडिय़ों ने टीम इंडिया को क्रिकेट नई बुलंदियों तक पहुंचाया था। ये खिलाड़ी हैं- मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, 'दादा' सौरव गांगुली, 'द वॉल' राहुल द्रविड़, 'वेरी-वेरी स्पेशल' वीवीएस लक्ष्मण और 'जंबो' अनिल कुंबले। इन्हें 'फैब-5' कहे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

दो दिन पहले तक इन पांच में चार खिलाड़ी किसी न किसी रूप में टीम इंडिया के साथ जुड़े हुए थे। लेकिन गुरुवार को अनिल कुंबले को टीम इंडिया को हैड कोच चुने जाने के बाद एक बार फिर यह फैब-5 पूरा हो गया है। एक बार फिर फैब-5 पर टीम इंडिया के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है। अब देखना यह है यह फैब-5 टीम को कितने आगे तक ले जा पाती हैं।

जानिए कौन किस तरह सवांरेगा भारतीय क्रिकेट का भविष्य

सचिन, लक्ष्मण, गांगुली अपनी योजनाओं को दे सकेंगे मूर्त रूप
बीसीसीआई ने पिछले साल जून में एक अहम कदम उठाते हुए सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की एक क्रिकेट सलाहकार समिति बनाई थी। तब से यह तीनों दिग्गज भारत की राष्ट्रीय टीम के विदेशी दौरे के लिए तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन देने के साथ ही प्रतिभाओं को तैयार करने और घरेलू ढांचे को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। अब इनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि उनकी योजनाओं और सलाह का उचित कार्यान्वयन किस तरह हो। इस कमेटी को एक ऐसे व्यक्ति की तलाश थी जो उनके विचारों और उद्देश्यों को भलीभांति समझ सके और उन्हें मैदान पर मूर्तरूप दें सकें।

पहले यह तीनों राहुल द्रविड़ को कोच बनाना चाहते थे, क्योंकि उनके साथ इनका तालमेल मैदान और उसके बाहर भी काफी बेहतर रहा है। द्रविड़ के इंकार करने पर अनिल कुंबले पर फोकस गया, क्योंकि वह भी उनके खास रहे हैं। अब जब तेंदुलकर, गांगुली और लक्ष्मण विदेश दौरों पर कामयाबी के लिये ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे, बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को तराशने के लिए योजना बनाएंगे, तो उन्हें उसे अमलीजामा पहनाने में कुंबले पूरी तरह उनकी मदद करेंगे।

कोच बनने के बाद कुंबले का भी यही कहना था कि सलाहकार समिति के सदस्य सचिन, सौरव और लक्ष्मण के साथ मैंने बहुत खेला है। राहुल (द्रविड़) टीम (अंडर-19) के कोच हैं। अच्छा है कि हम पांचों अब भी क्रिकेट के लिए कुछ कर रहे हैं। हमारे लिए अब कुछ देने का वक्त आया है।

द्रविड़ तराशेंगे जूनियर लेवल पर नायाब प्रतिभाएं
फिलहाल राहुल द्रविड़ अंडर-19 टीम इंडिया के कोच और मेंटर हैं। उनकी निगरानी में अंडर-19 टीम के प्रदर्शन में भी सुधार देखने को मिला है। चूंकि द्रविड़ की ट्यूनिंग भी सलाहकार समिति से बेहतर है, इसलिए वह उसके ब्लू प्रिंट के अनुसार प्रतिभाओं को संवारने का काम करेंगे। खासतौर से विदेशी दौरे के लिए बल्लेबाजों की तकनीक को बेहतर बनाने में उनका अहम योगदान रहेगा, क्योंकि उछालभरी पिचों पर हमारे बल्लेबाज अक्सर असहाय नजर आते हैं। ऐसे में यदि जूनियर लेवल पर ही उनकी तकनीक सही ढ़ंग से काम किया जाएगा, तो हमें अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

कुंबले राष्ट्रीय टीम को संवारेंगे

400 से अधिक इंटरनेशनल मैचों का अनुभव रखने वाले अनिल कुंबले सीनियर टीम के खिलाडय़िों को राह दिखाएंगे। जैसा कि उन्होंने कहा है कि उनके पास टीम के लिए कुछ प्लान हैं, जिन्हें वह सचिन, गांगुली, लक्ष्मण और द्रविड़ से साझा करेंगे और उनकी राय लेने के बाद उन पर अमल करेंगे। विदेशी दौरे पर टीम इंडिया को सफलता दिलाना उनका मुख्य उद्देशय होगा, जो थोड़े समय में होने वाला काम नहीं है। इसके लिए लंबी योजना की जरूरत है। फिर भी कुंबले को एक साल में कुछ न कुछ तो करके दिखाना होगा, तभी वह लंबी सेवा देने के योग्य समझे जाएंगे। हालांकि उनके पास सलाहकार समिति और बोर्ड का पूरा समर्थन होगा, जिससे उनकी राह कुछ आसान हो सकती है। टीम इंडिया को इस कैलेंडर में कुल 17 टेस्ट, 11 वनडे और 6 टी-20 मैच खेलने हैं।

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