19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लैपटॉप के लिए काफी छोटा एंटीना विकसित

इस नए एसएटी एंटिना को यूनिवर्सिटी ऑफ बिर्मिंघम के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है, जो बेहद सीमित स्थान में स्थापित किया जा सकता है

less than 1 minute read
Google source verification

image

Jameel Ahmed Khan

Jun 25, 2016

Antenna for laptop

Antenna for laptop

लंदन। पहली बार एक ब्रिटिश तकनीकी स्टार्टअप ने लैपटॉप के लिए एक बहुउद्देश्यीय एंटीना को विकसित करने में सफलता पाई है, जिसके एक यूनिट में ही वाई-फाई, जीपीएस, ब्लूट्रूथ और 3जी, 4जी, एलटीई तथा वाईगिग (मल्टी गिगाबाइट प्रति सेकेंड की रफ्तार है) शामिल है।

इस नए एसएटी एंटिना को यूनिवर्सिटी ऑफ बिर्मिंघम के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है, जो बेहद सीमित स्थान में स्थापित किया जा सकता है। इसे एक मानक लैपटॉप के पांच अलग-अलग एंटीना की जगह लगाया जा सकता है।

संपसन हू जिन्होंने एसएटी की स्थापना 2013 में की थी, ने बताया कि पांरपरिक एंटीना को एक जगह नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि वे एक-दूसरे की प्रणाली में हस्तक्षेप कर सकते हैं, जिससे उनकी क्षमता घट जाती है।

हू ने विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा, वर्तमान लैपटॉप के अंदर, वाई-फाई एंटीना या मोबाइल सिग्नल ग्रहण करनेवाले एंटीना को अलग-अलग लगाना पड़ता है, ताकि उनकी फ्रीक्वेंसियों में कोई टकराव ना हो। अगर किसी लैपटॉप का खांचा धातु का बना है तो तो उसकी स्क्रीन या मदरबोर्ड या फिर लैपटॉप के ऊपर एंटीना लगाना असंभव है। ऐसे में उसे कब्जे के विवर में लगाना पड़ता है।

हू आगे कहते हैं, मगर कब्जे के विवर में काफी सीमित जगह होती है, इसलिए लैपटॉप निर्माता केवल दो एंटीना ही लगा पाते हैं। एक वाई-फाई के लिए और दूसरा 3जी, 4जी, एलटीई के लिए। अगर पारंपरिक एंटीना को साथ-साथ लगाया गया तो वे एक-दूसरे की क्षमता को प्रभावित करेंगे, इससे बैटरी की खपत भी बढ़ जाएगी।

हू ने कहा, इसी का समस्या का समाधान हमने अपने एकीकृत एमआईएमओ (मल्टी इनपुट मल्टी आउटपुट) एंटीना के माध्यम से किया है। इसमें सभी एंटीना के एक साथ जोड़ कर एकल प्रणाली का निर्माण किया गया है।

ये भी पढ़ें

image