
Patrika Opinion: बोइंग का मैक्स बेड़ा फिर गंभीर सवालों के घेरे में
अमरीका के ओरेगॉन में उड़ान के दौरान विमान का इमरजेंसी दरवाजा पूरे फ्रेम के साथ हवा में उड़ जाने के हादसे ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसा दुनिया की सबसे बड़ी विमान निर्माता कंपनी बोइंग के अति उन्नत माने जाने वाले बोइंग 737 मैक्स-9 विमान में हुआ है, इसलिए ज्यादा गंभीर है। गनीमत है कि 16,300 फीट ऊपर उड़ रहे विमान की समय पर इमरजेंसी लैंडिंग से इसमें सवार 171 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों की जान बच गई। हादसे के बाद अमरीका के हवाई सुरक्षा नियामक ने 170 से ज्यादा बोइंग 737 मैक्स-9 विमानों की उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा दी है। दुनिया की कई एयरलाइंस ऐसे 218 विमानों का इस्तेमाल कर रही हैं। भारत की किसी भी एयरलाइन के पास ये विमान नहीं हैं, पर एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयर के बेड़े में 40 से ज्यादा 737 मैक्स-8 विमान हैं। इसलिए भारतीय विमानन नियामक ने सभी एयरलाइंस को बोइंग के मैक्स विमानों के इमरजेंसी दरवाजों का निरीक्षण करने की हिदायत दी है।
बोइंग 737 मैक्स परिवार में चार मॉडल हैं। पहले मॉडल मैक्स-7 ने 2017 में पहली उड़ान भरी थी। इसकी कामयाबी के बाद कंपनी ने मैक्स-8, मैक्स-9 और मैक्स-10 पेश किए। इस समय दुनियाभर की एयरलाइंस मैक्स-8 विमानों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यह मॉडल पहली बार 2018 में सवालों के कटघरे में आया था, जब इंडोनेशियाई एयरलाइंस का विमान क्रैश होने से 189 यात्रियों की मौत हुई थी। इसके बाद 2019 में इथोपियाई एयरलाइंस के बोइंग 737 मैक्स-8 के हादसे में 157 लोगों की जान गई। इन हादसों के बाद कई देशों में इस मॉडल की उड़ानों पर दो साल तक रोक लगा दी गई थी। बोइंग की ओर से मॉडल के डिजाइन में कई बदलाव के बाद इसे फिर से उड़ाने की इजाजत मिली।
ओरेगॉन में उड़ान के दौरान हुए हादसे से हफ्तेभर पहले एक अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन की नियमित जांच के दौरान पता चला था कि बोइंग 737 मैक्स विमान के नट गलत तरीके से कसे गए थे। इसको लेकर जारी अंतरराष्ट्रीय एडवाइजरी के बाद भारत में मैक्स विमानों के बेड़े के नट-बोल्ट की जांच की गई थी। मशीनों में तकनीकी गड़बड़ी कहीं भी और कभी भी आ सकती है, लेकिन विमानों में छोटी-सी गड़बड़ी को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। भारत समेत दुनियाभर में विमान यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए उड़ानों को हर दृष्टि से निरापद बनाना जरूरी है। सभी एयरलाइंस के साथ-साथ विमान निर्माता कंपनियों को भी अपने विमानों की नियमित जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
Published on:
07 Jan 2024 10:10 pm
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