14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देश के जंगलों में चीते की वापसी मिशन ‘लाइफ’ की ओर कदम

चीते की वापसी की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और भारत एक बार फिर से जमीन के सबसे तेज जानवर का स्वागत करने का बेताबी से इंतजार कर रहा है, जिसकी गुर्राहट कभी ऊंचे पहाड़ों और तटों के सिवाए समूचे देश के जंगलों में प्रतिध्वनित होती थी। 17 सितंबर को चीते भारत में वापस लौटेंगे। जल्दी ही चीता मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में विचरण कर रहा होगा।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Patrika Desk

Sep 11, 2022

cheetah.jpg

चीते की वापसी की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और भारत एक बार फिर से जमीन के सबसे तेज जानवर का स्वागत करने का बेताबी से इंतजार कर रहा है, जिसकी गुर्राहट कभी ऊंचे पहाड़ों और तटों के सिवाए समूचे देश के जंगलों में प्रतिध्वनित होती थी। 17 सितंबर को चीते भारत में वापस लौटेंगे। जल्दी ही चीता मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में विचरण कर रहा होगा।
भारत में चीतों के न रहने के लिए असंख्य कारण जिम्मेदार रहे हैं, जिनमें पथ-निर्धारण, इनाम और शिकार के खेल के लिए बड़े पैमाने पर जानवरों को पकडऩा, पर्यावास में व्यापक बदलाव और उसके परिणामस्वरूप उनके शिकार के आधार का सिकुडऩा जैसे कारण शामिल हैं। ये सभी कारण मानव की कार्रवाइयों से प्रेरित हैं, और सिर्फ यह एक बात प्रतीक है प्राकृतिक दुनिया पर मनुष्य के पूर्ण प्रभुत्व की कोशिशों का। इसलिए जंगल में चीते की दोबारा वापसी एक पारिस्थितिकीय गलती को सुधारने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दुनिया को दिए गए मिशन ‘लाइफ’ (लाइफस्टाइल फॉर द इनवायरनमेंट) के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम है।