
डॉ. पंकज जैन
एसोसिएट प्रोफेसर एवं फिजिशियन, चिकित्सा मामलों के जानकार
प हला सुख निरोगी काया का माना जाता है। और जब बात इस काया को निरोग रखने की होती है तो जरूरत इस बात की होती है कि शरीर को संतुलित और पौष्टिक आहार मिले। एक तरह से ऐसा आहार जिसमें न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक विकास के लिए भी सारे पोषक तत्व मौजूद हों। चिकित्सा जगत में पोषक तत्वों मेंं प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, उचित मात्रा में वसा, विटामिन व मिनरल जैसे- आयरन, केल्शियम, आयोडीन, पोटेशियम, सोडियम, जिंक, मैग्नीशियम आदि की गिनती होती है। जब हम यह कहते हैं कि कोई बच्चा कुपोषण का शिकार है तो यही माना जाता है कि इन्हीं पोषक तत्वों की कमी इसकी बड़ी वजह है। शरीर कुपोषित होगा तो स्वाभाविक रूप से कई बीमारियों की चपेट में आने की आंशका बढ़ जाती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2020 में वैश्विक स्तर पर कुपोषण के कारण 5 वर्ष से कम आयु के 149 मिलियन बच्चे अपनी आयु की तुलना में कद में छोटे हंै। इतना ही नहीं 45 मिलियन बच्चे अपनी लम्बाई की तुलना में पतले दुबले हैं और 38.9 मिलियन मोटापे के शिकार हैं। अल्प और मध्य आयवर्ग वाले लोग जिन देशों में अधिक हैं वहां पांच वर्ष से कम आयु वर्ग की लगभग 45 प्रतिशत मौतों की वजह कुपोषण ही होती है।
Updated on:
31 Aug 2022 08:23 pm
Published on:
31 Aug 2022 06:40 pm
बड़ी खबरें
View Allओपिनियन
ट्रेंडिंग
