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 आपकी बात, भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश क्यों जाते हैं?

पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं मिलीं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं

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विदेश में सस्ती है एमबीबीएस की पढ़ाई
भारतीय मेडिकल कॉलेजों की तुलना में विदेश से एमबीबीएस करना सस्ता पड़ता है। कुछ भारतीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की फीस करोड़ों में पहुंच जाती है, जबकि कुछ विदेशी मेडिकल कॉलेज 10 लाख से 50 लाख के बीच में पूरी पढ़ाई करवा देते हैं।
—महेन्द्र देवासी, सादड़ी, पाली
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भारत में सीटें सीमित हैं
मेडिकल शिक्षा में बहुत सारे युवाओं की रुचि है, लेकिन प्रतिस्पर्धा तीव्र है और सीटें सीमित हैं। इसके साथ ही विदेशों में  प्रतिस्पर्धा कम है और फीस भी कम है। इसकी वजह से युवा एमबीबीएस के लिए विदेश जाते हैं।  भारत में मेडिकल शिक्षा का विस्तार करना होगा।
—शशांक गहलोत, ब्यावर
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सस्ती मेडिकल पढाई है कारण
भारत की तुलना में विदेशों में मेडिकल की पढाई सस्ती है। इसके कारण भारत के छात्र विदेश मेें पढने जाते हैं।

—ओमप्रकाश श्रीवास्तव,उदयपुरा, मध्यप्रदेश
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सपना पूरा करने का लक्ष्य
जिनका चयन नीट मे नहीं होता वे  डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए विदेश जाने की कोशिश करते हैं। समाज में डॉक्टर की काफी प्रतिष्ठा है। इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी क्षमता से ज्यादा पैसा भी खर्च करने को तैयार हो जाते हैं। कई बार बच्चे की रुचि की अनदेखी करके भी अभिभावक उसे डॉक्टर बनाने की कोशिश करते हैं। इस प्रवृत्ति का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।    
—  अनुपम कुमार सबरवाल, सीकर
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प्रवेश नहीं मिलने के कारण
भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश में इसलिए जाते हैं, क्योंकि हमारे भारत की नीट परीक्षा बहुत कठिन है, जिसमें कुछ लोगों को ही मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिल पाता है। साथ ही निजी मेडिकल कॉलेज बहुत महंगे हैं। इसकी तुलना में विदेश में मेडिकल की पढ़ाई सस्ती है।  इसके कारण से कई लोग मेडिकल की पढ़ाई करने विदेश में जाते हैं।
—सुरेंद्र कुमार बिंदल,  जयपुर
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डॉक्टर बनने की चाहत
भारत के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा नीट में ऐसे कई विद्यार्थी भी विफल हो जो हैं, जो प्रतिभावान होते हैं। वे डॉक्टर बनना चाहते हैं। कुछ मां—बाप अपने बच्चों का सपना साकार करने के लिए उन्हें मेडिकल की शिक्षा के लिए विदेश भेज देते हैं।
—सरिता प्रसाद, पटना

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कम बजट में मेडिकल डिग्री
भारत में मेडिकल की पढ़ाई के लिए नीट की परीक्षा पास करनी होती है। इसके लिए कोचिंग पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। भारत में निजी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई बहुत महंगी है। इसलिए एक तबका विदेश से मेडिकल की डिग्री लेने की कोशिश करता है ।
मुकेश भटनागर, भिलाई, छत्तीसगढ़
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सस्ती है मेडिकल की पढ़ाई

विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई भारत के मुकाबले कम खर्च में हो जाती है , यहां से नीट की परीक्षा क्वालीफाई करने के बाद भी छात्र रूस, उज़्बेकिस्तान आदि देशों में पढ़ाई कर रहें हैं। यदि  देश में मेडिकल की पढ़ाई सस्ती हो तो ही छात्रों का विदेश जाकर पढ़ाई करना कम होगा ।
-----संजय डागा हातोद इन्दौर मध्यप्रदेश