
कंपनी का उद्देश्य लाभ अर्जित करने की बजाय जरूरतमंद लोगों को सुविधा मुहैया कराना हो। छोटे सिलेंडर का दाम जेब पर भारी न पड़े। इंडियन आयल कारपोरेशन ने पांच किलो के रसोई गैस सिलेंडरों की बिक्री किराना दुकानों के जरिए शुरू की है।
हालांकि यह नई योजना अभी पांच शहरों में ही लागू होगी जो उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु प्रदेशों में हैं लेकिन कंपनी इसे शीघ्र ही देश के पचास शहरों में लागू करेगी। आम उपभोक्ता खासकर शहरी लोगों की रसोई पूरी तरह घरेलू गैस पर निर्भर है। यही वजह है कि जब भी रसोई गैस के दाम बढ़ाए जाते हैं तो सरकार की कड़ी आलोचना होती है। करीब डेढ़ साल पहले जब केन्द्र सरकार ने रियायती दर पर घरेलू गैस सिलेंडरों की संख्या 6 तक सीमित करने की घोषणा की थी तो व्यापक विरोध हुआ था। बाद में यह संख्या बढ़ाकर नौ की गई और आखिरकार चुनावी वर्ष में सरकार को यह संख्या बढ़ाकर बारह करनी पड़ी तो वजह यही रही कि आम आदमी की रसोई पूरी तरह गैस सिलेंडर पर निर्भर हो चुकी है।
ऎसे में यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए जो नौकरी की वजह से एक शहर से दूसरे शहर में स्थानान्तरित होते रहते हैं, फायदेमंद साबित होगी,ऎसी उम्मीद की जा सकती है। छात्र-छात्राओं को भी इसका लाभ मिल सकता है जो गांव छोड़कर शहरों में पढ़ने आते हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ऎसे उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन की एजेंसी बदलने के लिए चुनिंदा शहरों में पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी शुरू कर चुका है।
हालांकि इससे पहले तेल कंपनियों ने अपने कुछ पेट्रोल पम्पों से छोटे गैस सिलेंडरों की बिक्री शुरू की थी लेकिन इसका लाभ ज्यादातर जरूरतमंद लोग नहीं उठा पाए। इसलिए इंडियन आयल कारपोरेशन को इस नई योजना की समीक्षा करनी चाहिए। कंपनी का उद्देश्य लाभ अर्जित करने की बजाय जरूरतमंद लोगों को सुविधा मुहैया कराना हो। छोटे सिलेंडर का दाम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी न पड़े। रिफिलिंग में भी लोगों की जरूरत और जेब का ख्याल रखा जाए। सामान्य सिलेंडरों की अक्सर निर्धारित मात्रा से कम गैस मिलने की शिकायतें रहती हैं।
ऎसी शिकायतें छोटे सिलेंडरों की हों तो उपभोक्ता की समस्या का समाधान क्या व कैसे होगा, यह सुनिश्चित होना चाहिए। गैस लीकेज का कौन जिम्मेदार होगा, कहां शिकायत दर्ज होगी, ऎसी कई समस्याओं के निवारण के पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं। इसमें दो राय नहीं, बिना जटिल औपचारिकताओं के सहज सुलभ होने वाले छोटे सिलेंडरों की मांग शहरों में तेजी से बढ़ रही है। इसलिए यह योजना स्वागत योग्य है लेकिन इसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को न केवल उच्च गुणवत्ता की सेवा प्रदान करना हो बल्कि किफायती भी साबित हो। तभी यह योजना सार्थक होगी।
ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी अंशुल गोयल ने बताया कि पहले दिन स्टूडेंट्स ने एथिकल हैकिंग, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी और 3डी एनिमेशन के बारे में भी जाना। ऑस्ट्रेलिया से आए राजीव खोसला ने ह्यूमन राइट्स पर लेक्चर दिया। इसके अलावा फिल्म फेस्टिवल भी शुरू हुआ। इस सिलसिले में शनिवार को "लंच बॉक्स" के डायरेक्टर रोहित बत्रा स्टूडेंट्स से रूबरू होंगे।
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