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अशोभनीय टकराव

जजों की भर्ती कोई भी करे, वह निष्पक्ष तो हो ही, काबिल लोगों को भी जगह मिले। राजनीतिक आधार पर चयन के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

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Sunil Sharma

Nov 28, 2017

Supreme court of india

supreme court of india

केंद्र सरकार और न्यायपालिका का टकराव एक बार फिर सुर्खियों में है। एक आरोप लगाता है और दूसरा उसकी सफाई देता है। ‘न्यायिक सक्रियता’ के नाम पर कोई दो दशक पहले शुरू हुआ यह विवाद अब चरम पर है। इस विवाद का सबसे बड़ा नुकसान देश के उन लाखों पक्षकारों को हो रहा है जिनके मुकदमे न्यायपालिका में विचाराधीन हैं। न्यायपालिका की ओर से न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने और वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी के साथ उनके नए पदों के सृजन के आग्रह को समाज का कोई भी हिस्सा गलत नहीं ठहरा सकता।

विवाद इस बात पर चल रहा है कि, इन्हें कैसे भरा जाए? कॉलेजियम से या राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) से। सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की पैरवी कर रहा है, सरकार उसे मान नहीं रही। पिछली भी नहीं मान रही थी। अधिकांश राजनीतिक दल चाहते हैं इसमें सरकारों का दखल रहे। जैसा कॉलेजियम के अस्तित्व में आने के पहले था। तब जो आरोप लगे उन्हीं से तो कॉलेजियम अस्तित्व में आया। क्या हम फिर पुराने दौर में लौट जाना चाहते हैं, जहां वही हो जो सरकारें चाहें? जो राजनीतिक नेतृत्व चाहे? फिर चाहे वह उच्च न्यायालय हों या सर्वोच्च न्यायालय।

प्रश्न यह है कि दोनों मिलकर इसका कोई समाधान निकालेंगे अथवा इसी तरह एक-दूसरे पर शब्द बाण छोड़ते रहेंगे? देश के प्रधानमंत्री और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की मौजूदगी में ऐसी बातें होंगी तब समाधान कहां निकलेगा? फिर तो राष्ट्रपति ही बचते हैं। क्या उन्हें मध्यस्थता करनी पड़ेगी? यदि ऐसा हुआ तो क्या वह भारतीय लोकतंत्र के लिए शोभनीय होगा? हम अपने आपको ‘परिपक्व लोकतंत्र’ कहते हैं। यह हमारी व्यवस्थापिका और कार्यपालिका का जिम्मा है कि वह न्यायपालिका को अपने साथ बिठाए और उसकी समस्याओं का समाधान करे। टकराव के बिन्दुओं का समाधान निकाले।

जजों की भर्ती कोई भी करे, वह निष्पक्ष होनी चाहिए, काबिल लोगों को जगह मिलनी चाहिए। राजनीति के आधार पर उनके चयन के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर भर्ती का सुझाव अच्छा है लेकिन यह निचले स्तर पर ही ठीक है। उच्चतर स्तर पर तो अनुभव का कोई मुकाबला नहीं है। उम्मीद की जानी चाहिए कि टकराव के अगले राउण्ड की नौबत नहीं आएगी।