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गुजरात मॉडल

गुजरात मॉडल नदी किनारे बच्चों के बनाए रेत के खूबसूरत घरोंदे की तरह है जो एक लहर में ही बिखर हो जाते हैं

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Shankar Sharma

Aug 31, 2015

Gujarat model

Gujarat model

अर्ज किया है- बहुत
शोर सुनते थे पहलु में दिल का, खोला तो कतरा-ए-खूं निकला। यही दिल और दिल्ली की
हकीकत है। दिल सारे शरीर में खून भेजता है और दिल्ली धन सप्लाई करती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार चुनाव से पहले सभा में राहत पैकेज का नारा ऎसे नाटकीय
अंदाज में बुलन्द किया मानो सारा पैसा अपनी जेब से दे रहे हों।

अब नीतीश कह रहे हैं
कि नया तो सिर्फ दस हजार करोड़ है बाकी सब पुराना है। अब राजनेताओं की वे जानें
लेकिन अपनी समझ से यही "गुजरात मॉडल" है जिसका नाम नरेन्द्र भाई अपनी सभाओं में
गाहे-ब-गाहे करते रहते हैं। हम भी उन करोड़ों लोगों में शामिल हैं जो गुजरात मॉडल
से प्रभावित रहे हैं। चार दिन पहले तक तो लगता था कि भई वाह। प्रदेश हो तो गुजरात
जैसा। बारह बरस से शांति थी। गुजराती विकास की धूम थी। वहां के युवाओं के पास खूब
नौकरियां हैं।

गुजरात के किसान खुश हैं। कभी-कभी किसी किसान की खुदकुशी की खबर आती
थी तो समझते कि इतने बड़े प्रदेश में इतना तो चलता ही है। मोदी गांधीनगर से दिल्ली
गए तो सत्ता हस्तान्तरण इतनी आसानी से हुआ कि एक चिड़ी भी न चहकी। देखते-देखते दो
गुजराती भारत और भाजपा के खेवनहार बन गए।


जब भी कोई बात होती भाजपा वाले गुजरात
मॉडल का नाम लेकर सबको चुप करा देते। टीवी बहसों में भी भाजपा के प्रवक्ता "गुजरात
मॉडल" को ब्ा्रह्मास्त्र की तरह इस्तेमाल करके औरों की बोलती बंद कर देते। लेकिन
"गुजरात मॉडल" को बाईस साल के युवक हार्दिक ने एक रैली में तहस-नहस कर दिया। एक
युवक के पीछे इतने लोग।

इनमें से ज्यादातर युवक। ये सारे इस रैली में क्यों गए? एक
बात बताइए। क्या एक अच्छी-खासी कमाई करने वाला युवक अपना काम छोड़ भरी उमस में
हड़ताल करने निकलेगा? क्या आठ-दस लाख लोग किसी शहर से इकटा किए जा सकते हैं? इसका
मतलब कि पूरे गुजरात में बहुत असंतोष्ा था।

बेचैनी खदबदा रही थी जो मोदी के
प्रधानमंत्री बनने की गुजराती अस्मिता के ढक्कन से पतीली में बंद थी और एक युवक के
ढक्कन हटाते ही गुजरात में ऊबाल आ गया। क्या एक संतुष्ट राज्य में अचानक ऎसी
आपा-धापी हो सकती है। अब हार्दिक की बात सुने तो लगता है कि गुजरात मॉडल नदी किनारे
बच्चों के बनाए रेत के घरोंदे की तरह है जो देखने में तो बड़े खूबसूरत लगते हैं
लेकिन पानी की एक लहर में ही बिखर हो जाते हैं।

अब हम मोदी को मोटी बुद्धि से सलाह
देना चाहते हैं- भाई एक तो यह कहना बंद करो कि जो कुछ हुआ वो आपके राज में ही हुआ
और पिछली सरकारों ने कुछ किया ही नहीं। और बार-बार गुजरात मॉडल का ढोल पीटना भी बंद
करें। हर राज्य का अपना मॉडल होता है यही इस देश की खूबसूरती भी है।
राही