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आपकी बात, महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कैसे बढ़ाए जा सकते हैं?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

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Gyan Chand Patni

Jun 24, 2021

आपकी बात, महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कैसे बढ़ाए जा सकते हैं?

आपकी बात, महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कैसे बढ़ाए जा सकते हैं?

गृह उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए
वर्तमान में महिलाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर हो सकती हैं, जरूरत है बस अपने अंदर की छुपी प्रतिभा को पहचानने की। महिलाओं के पास कुकिंग, ब्यूटीशियन, कंप्यूटर जॉब वर्क, निजी कोचिंग क्लासेस, हॉबी कोर्सेज, टेलरिंग, योग, संगीत, प्रशिक्षण देने इत्यादि ढेरों विकल्प मौजूद हैं। जिस विषय में आपकी रूचि है या आप दक्ष हैं, उस क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए अपना कॅरियर बना सकती हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गृह उद्योग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए , उनके द्वारा निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने का बेहतर माध्यम प्रचार प्रसार ही है। इस ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए एवं आवश्यकता पडऩे पर वित्तीय सहायता भी प्रदान की जानी चाहिए।
-लक्ष्मण नायडू रायपुर, छत्तीसगढ़
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जरूरी है महिला सशक्तीकरण
आज के आधुनिक समय में महिला सशक्तीकरण एक विशेष चर्चा का विषय है। हमारे आदि - ग्रंथों में नारी के महत्व को मानते हुए यहां तक बताया गया है कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। विडम्बना तो देखिए नारी में इतनी शक्ति होने के बावजूद भी उसके सशक्तीकरण की अत्यंत आवश्यकता महसूस हो रही है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का अर्थ उनके आर्थिक फैसलों, आय, संपत्ति और दूसरे वस्तुओं की उपलब्धता से है। इन सुविधाओं को पाकर ही वह अपने सामाजिक स्तर को ऊंचा कर सकती हैं।
-सतीश परिहार, कोट सोलंकियान, पाली
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अंशकालीन काम की जरूरत
महिलाएं पुरुषों से किसी भी तरह से कम नहीं हंै। वे सभी क्षेत्रों में सक्रिय हैं। शिक्षा के क्षेत्र में आजकल महिलाएं ज्यादा नजर आती हैं। इसका मतलब है कि सिखाने का काम वे ज्यादा अच्छी तरह से कर सकती है। महिलाओं को घर का काम भी करना पड़ता है। ऐसी महिलाओं लिए अंशकालिक काम भी होना चाहिए।
-राजेन्द्र कुमार सुराणा,रायपुर
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घर पर कर सकती हैं काम
एक शिकायत आम है कि योग्यता अनुरूप रोजगार उपलब्ध नहीं होता। सबसे पहले यह समझना होगा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। यदि काम मेहनत और लगन से किया जाए, तो परिणाम अवश्य देता है। महिला बेरोजगारी शहरी तथा ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्याप्त है। ऐसे में जो महिलाएं पढ़ी-लिखी हैं, वे ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपना काम शुरू कर सकती हैं जैसे टीचिंग, रेडीमेड गारमेंट्स, फास्ट फूड जैसे केक, पिज्जा बर्गर आइसक्रीम आदि। जो बाहर नहीं निकलना चाहती हैं, वे सिलाई, कढ़ाई, मेहंदी, पापड़, अचार, टिफिन सेंटर जैसे गृह कार्य से अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। साथ ही महिला समूह से जुड़कर सौंदर्य प्रसाधन सामग्री, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, सेनेटरी नैपकिन, जैविक खाद, बांस के फर्नीचर बनाने, जड़ी बूटियों का संग्रह, औषधीय पौधों से विभिन्न हर्बल उत्पाद बनाने का कार्य शुरू कर सकती हैं।
-एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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महिलाओं को गृह उद्योगों से जोड़ा जाए
महिलाओं को छोटे-छोटे गृह उद्योगों से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए सरकार उनका अर्थिक सहयोग कर सकती है। महिलाओं को वृक्षारोपण जैसे कार्यों से जोड़कर उनको सहयोग निधि देकर स्वावलंबी बनाया जा सकता है।
-कृष्ण कुमार जोशी, मंदसौर
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लघु उद्योग लगाए जाएं
महिलाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर यदि हमें देने हैं तो लघु उद्योगों को बढ़ावा देना होगा। इससे गांव में रहने वाली महिलाओं को भी रोजगार मिल सकेगा। परंपरागत लघु उद्योगों को नई तकनीक से शुरू कर महिलाओं को ज्यादा अवसर दिए जा सकते हैं।
अनीता बड़गुर्जर भालेराव, सीहोर, मध्यप्रदेश
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कौशल प्रशिक्षण दिया जाए
महिलाओं में रोजगार के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। उनको कौशल प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे स्वयं आत्मनिर्भर बन सकें। गांवों और शहरों में नि:शुल्क प्रशिक्षण देकर महिलाओं को रोजगार दे सकते हैं।
-खूबी लाल पूर्बिया, झाड़ोल, उदयपुर
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घर से ज्यादा दूर न हो कार्यस्थल
महिलाओं पर घर की जिम्मेदारी भी होती है। इसलिए घर के आस-पास ही उनको रोजगार उपलब्ध करवाना चाहिए। कई महिलाएं कार्यस्थल दूर होने से नौकरी छोड़ देती हैं। महिलाओं के लिए अलग से ट्रांसफर पॉलिसी होनी चाहिए, जिससे वे घर के आसपास ही कार्य कर सकें।
-सुनीता उदयवाल ,कोटा
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सामाजिक बदलाव जरूरी
महिलाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए सामाजिक, पारिवारिक और आर्थिक मोर्चों पर बदलाव की जरूरत है। सरकार महिला स्वरोजगार योजना, स्वयं सहायता समूह योजना, मुफ्त सिलाई मशीन योजना जैसी योजनाओं को प्रोत्साहित करे। महिलाओं की नवाचार से जुड़ी सोच और प्रयासों को बढ़ावा दिया जाए।
-जसवीर खाम्भू जोधपुर.
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उच्च शिक्षा का विस्तार किया जाए
महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में पहला कदम सभी स्तरों पर बेहतर शिक्षा और कौशल-वृद्धि है। माध्यमिक और उच्च शिक्षा का विस्तार किया जाए। व्यावसायिक प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाए।
-उत्तम पूनिया, झुंझुनू
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नौकरी में महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाया जाए
सरकारी विभागों में महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाया जाए। महिलाओं को लघु और कुटीर उद्योगों में काम करने का प्रशिक्षण दिया जाए।
- भावना सूर्यवंशी, मध्यप्रदेश
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महिलाओं को दी जाए काम में प्राथमिकता
सरकारी नौकरी में महिला और पुरुष का अनुपात बराबर होना चाहिए। इससे ज्यादा महिलाओं को नौकरी मिलेगी। प्राइवेट कंपनियों में भी महिलाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जो महिलाएं घर पर ही काम करना चाहती हैं, उन्हें घर पर काम दिया जाना चाहिए।
-विशाल शर्मा, सांवेर, इंदौर
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पुरुषों की सोच में बदलाव जरूरी
सरकारी योजनाओं की पर्याप्त जानकारी देकर और शिक्षा का प्रसार करके महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। साथ ही पुरुषों की सोच में परिवर्तन भी जरूरी है। महिलाएं सक्षम हैं। आर्टिफिशियल ज्वेलरी से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी तक महिलाओं ने अपनी पहुंच बनाई है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी स्वावलंबी बनने के लिए पशुपालन, औषधीय पौधे, हर्बल उत्पाद स्थानीय भोज्य पदार्थों के निर्माण तथा सिलाई, कढ़ाई, बुनाई को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकती हैं। शहरी क्षेत्र में बड़ी कंपनियों में बेरोजगार हुई महिलाएं अपने कौशल का उपयोग स्थानीय स्तर पर सरकारी ऋण लेकर अनेक छोटे-मोटे लघु व सूक्ष्म उद्योग शुरू कर सकती हैं। इस कार्य में पुरुषों का सहयोग भी महिलाओं के रोजगार में वृद्धि करने का माध्यम बन सकता है।
-सिद्धार्थ शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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आत्मनिर्भर हो महिलाएं
लघु कुटीर, हथकरघा, हस्तशिल्प व खादी ग्रामोद्योग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देकर ग्रामीण व शहरी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे सशक्त होंगी।
-सी.पी.गोदारा, ओसियां,जोधपुर
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दूर हो लैंगिक भेदभाव
महिलाओं को रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार को प्रभावी कदम उठाना चाहिए। भारत में महिलाओं के लिए अनेक सेक्टर उपलब्ध हैं। सरकार को लैंगिक भेदभाव को दूर करके महिलाओं की भागीदारी बढ़ानी होगी। महिलाओं के आय के स्रोत बढ़ेंगे, तो व्यक्तिगत और सामाजिक आजादी में इजाफा होगा। महिलाएं हस्तशिल्प के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर तरीके से काम कर सकती है।
-कांतिलाल मांडोत सूरत
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लघु और कुटीर उद्योगों को बढावा दिया जाए
लघु और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। महिलाएं घर परिवार का ध्यान रखते हुए ऐसे रोजगार की मदद से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। महिलाएं पापड़, अचार, मंगोड़ी, विभिन्न प्रकार के नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री बनाकर अपना व्यवसाय कर सकती हैं। आजकल बेकरी के सामान का भी बहुत प्रचलन है, जो रोजगार का अच्छा माध्यम बन सकती है। ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जा सकते हैं, जिससे कई तरह के रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
-नीलिमा जैन, उदयपुर
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सोच बदलने की जरूरत
सामाजिक बदलाव के इस दौर में महिलाओं का आत्मनिर्भर होना बहुत ही आवश्यक है। इसके लिए परिवार व समाज की सोच में बदलाव की अधिक आवश्यकता है। साथ ही महिलाओं को रोजगार के लिए अच्छी शिक्षा हासिल करनी चाहिए और व्यावसायिक शिक्षा से स्वरोजगार भी अपनाने की जरूरत है।
-अजिता शर्मा, उदयपुर