निचली अदालत में सत्रह साल मामला चलने के बाद 27 सितम्बर 14 को जयललिता को सजा सुनाई गई लेकिन अब वे बाइज्जत बरी हैं। जनता यह नहीं समझ पा रही कि सच क्या है? सत्रह साल के बाद आया वो या साढ़े सात माह बाद आया वो? ये दो तो ताजे उदाहरण हैं लेकिन मायावती, मुलायम सिंह, लालू, बी.एस. येड्डियुरप्पा, जगन मोहन रेड्डी, बेल्लारी के रेड्डी बंधुओं के मामले भी जनता भूली नहीं है।