
आपकी बात, क्या धार्मिक कट्टरता के कारण हिंसा बढ़ रही है?
भाईचारे और सौहार्द की राह अपनाएं
समूचे विश्व में धार्मिक कट्टरता को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए, तभी पूरे विश्व में अमन-चैन कायम रह सकता है। अशांति से व्यक्ति और देश का नुकसान होता है। यह बात जानते हुए भी अशांति पैदा की जाती है। धार्मिक कट्टरता का सहारा लेने वाले लोग ज्यादा नहीं होने के बावजूद भी बहुत प्रभावशाली हैं। भारत वर्ष में ऐसी घटनाएं आए दिन होती रहती रहती हैं। धार्मिक कट्टरता का उन्माद चुनावों के समय अधिक देखने को मिलता है। अपने और राष्ट्र के विकास के लिए धार्मिक कट्टरता को छोड़कर आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द की राह पर चलना चाहिए। हमें किसी भी मजहब की कमियों की तरफ ध्यान न देकर उसकी अच्छाइयों को अपनाना चाहिए।
-कैलाश चन्द्र मोदी, सादुलपुर, चूरू
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अहिंसा के विचार को दें प्राथमिकता
धर्म के प्रति कट्टर तथा किसी खास धर्म को सर्वोपरि मानना ही समस्या की जड़ है। इस वजह से ही हिंसा के मामले सामने आते हैं। अहिंसा के विचार को प्राथमिकता दी जाए तो कट्टरता और हिंसा कम हो सकती है।
-मनोज शर्मा, कल्पाक्कम, तमिलनाडु
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धर्म के नाम पर अधर्म
कट्टरता और अन्य धर्मों के प्रति ईष्र्या या असहिष्णुता की भावना टकराव को बढ़ावा देती है। इसके कारण हिंसा भी होती है। इंसान धर्म के नाम पर अधर्म का रास्ता अपनाता लेता है। यह वाकई चिंताजनक है।
-मनोहर सिंह बीका, जोधपुर
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रोकनी होगी धार्मिक कट्टरता
धार्मिक कट्टरता की सोच रखने वाला व्यक्ति एक सशक्त राष्ट्र एवं समाज के बारे में नहीं सोच सकता । वह अपना लक्ष्य साधने के लिए धार्मिक उन्माद फैलाने में भी पीछे नहीं रहता। यही धार्मिक उन्माद आगे चलकर आतंकवाद में बदल जाता है। सच्चा धर्म तो मानवता की सेवा करना सिखाता है। धार्मिक कट्टरता जितनी बढ़ेगी, राष्ट्र उतना ही अशांत होगा और हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ती जाएगी। इस पर रोक लगाना जरूरी है।
-सतीश उपाध्याय, मनेंद्रगढ़ कोरिया, छत्तीसगढ़
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खतरनाक है कट्टरता
मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर करना। धार्मिक आस्था मानवता अथवा मानव मात्र को शांतिपूर्वक जीवन जीने का सहारा देने के लिए है। यदि यह आस्था समाज को कष्टदायी साबित होने लगे तो वह आस्था अभिशाप का रूप ले लेती है। जब भी कोई धर्म अथवा धार्मिक समुदाय सिर्फ अपने धर्म अथवा आस्था को पूरी दुनिया पर थोपने का प्रयास करता है, तो हिंसा का रूप ले लेता है। कट्टरता और अन्य धर्मों के प्रति ईष्र्या, असहिष्णुता के चलते समजा को दंगों का दंश झेलना पड़ता है।
-राजीव दुबे, कटनी, मध्य प्रदेश
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धर्म को बनाया हथियार
सबका मालिक एक है। वोट बैंक हांसिल करने के लिए घृणा के बीज बोकर राजनीतिक दल देश का अहित करते आए हैं। राजनीति अधर्मी हो गई है और धर्म को हथियार बना लिया गया है।
-मुकेश भटनागर, वैशालीनगर, भिलाई
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नास्तिक बेहतर
धर्म की आड़ में की जा रही हिंसा का खमियाजा पूरे देश को भुगतना पड़ रहा है। धार्मिक आस्था मानव को शांतिपूर्वक जीवन जीने के रास्ता दिखाती है, जिसका दुरुपयोग हो रहा है। धार्मिक कट्टरता के बढ़ते चलन की वजह से दंगे तक हो जाते हैं। इंसान, धर्म के नाम पर हैवान बनता जा रहा है। ऐसे धार्मिक अनुयायियों से नास्तिक बेहतर हैं।
-नरेश कानूनगो, बैंगलूरू, कर्नाटक.
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धर्म का लक्ष्य
भारत में धार्मिक कट्टरता का अस्तित्व हमेशा से रहा है। आजकल यह कट्टरता ज्यादा हो गई है। इसी के परिणामस्वरूप देश में हिंसा भी बहुत बढ़ गई है। धार्मिक कट्टरता से होने वाली हिंसा को रोकने का एकमात्र उपाय यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को यह समझना होगा की धर्म का लक्ष्य शांति है, अशांति नहीं।
-प्रिया राजावत, जयपुर
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धर्म के नाम पर गुमराह किया जा रहा है
जब भी कोई समुदाय अपनी आस्था अथवा धर्म को पूरी दुनिया पर थोपने का प्रयास करता है तो वह हिंसा का रूप ले लेता है। कुछ कुटिल लोग धर्म का सहारा लेकर जनता को गुमराह करना चाहते हैं। वे अपने धर्म को पूरे विश्व में लागू करना चाहते हैं, चाहे इसके लिए आतंकवाद का सहारा ही क्यों न लेना पड़े। इसी का परिणाम है कि धार्मिक कट्टरता के कारण हिंसा बढ़ती जा रही है।
-सरिता प्रसाद, पटना, बिहार
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बिगड़ रहा है सौहार्द का माहौल
धार्मिक कट्टरवाद से हिंसा अवश्य बढ़ती है। बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान आदि देशों में धार्मिक कट्टरवाद की वजह से दूसरे धर्म सुरक्षित नहीं हैं। भारत में भी कई राजनेता वोट बैंक के लिए धार्मिक सौहार्द का माहौल बिगाड़ने में कोई चूक नहीं करते हैं और हिंसा फैलाते हैं ।
-श्रीकृष्ण पचौरी, ग्वालियर, मध्यप्रदेश
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सोशल मीडिया का दुरुपयोग
वर्तमान समय में कुछ समाजकंटक व संगठन सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा दे रहे हंै। वे सोशल मीडिया के माध्यम से फेक न्यूज और भड़काऊ वीडियो के माध्यम से धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा दे रहे हैं। इस समस्या से सामूहिक रूप से निपटने का प्रयास होना चाहिए।
-चेतन नामा, कोटा
Published on:
18 Oct 2021 05:12 pm
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