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नेतृत्व: नियंत्रण और लोच में हो संतुलन

Leadership: अधीनस्थों और बाहरी परिस्थितियों को नियंत्रित करने के लिए अत्यधिक जुनून और महत्त्वाकांक्षा रखने के बजाय, सफल लीडर प्रेरणा के माध्यम से नेतृत्व करने पर ध्यान केंद्रित करना चुन सकते हैं और स्वयं उन गुणों को प्रदर्शित कर उदाहरण पेश कर सकते हैं।

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प्रो. हिमांशु राय (निदेशक, आइआइएम इंदौर)
पिछले आलेख में मैंने भारतीय शास्त्रों और ग्रंथों में वर्णित नियंत्रण विरोधाभास की चर्चा की। हमने ब्रह्माण्ड से हमारे संबंध को समझा और 'निष्काम कर्मÓ से नियंत्रण के अभ्यास का भी उल्लेख किया। प्रकृति भी इसी ब्रह्माण्ड का एक भाग है। प्रकृति और ब्रह्माण्ड, दोनों कभी सरल-सहज लगते हैं, तो कभी अप्रत्याशित स्थितियां उत्पन्न करते हैं। व्यापार और बाजार भी इस अनिश्चितता से प्रभावित जीवन के पहलुओं के अपवाद नहीं हैं। अर्थव्यवस्थाएं और उद्योग भी प्राकृतिक आपदाओं, महामारी, और यहां तक कि सामाजिक मानदंडों या कानूनी संशोधनों का सामना करते हैं, जो नियंत्रण से परे हैं।

कॉरपोरेट लीडरशिप को उन स्थितियों का भी सामना करना पड़ता है जहां उनके लिए नियंत्रण और लचीलेपन के बीच महत्त्वपूर्ण संतुलन लाना आवश्यक हो सकता है। कई लीडर आदेश देने या पूर्णतावाद प्राप्त करने की तलाश में इतने तल्लीन हो जाते हैं कि वे भूल जाते हैं कि संगठन भी गलती कर सकते हैं और लोग भी। इसलिए, अच्छी तरह से परिभाषित और उच्च मानकीकृत, सटीक और पूर्वानुमेय प्रणाली होने के बावजूद, विभाग, टीम और कर्मचारी अत्यधिक वांछनीय हैं (पर यह हमेशा विशेष रूप से चिंताग्रस्त करने वाला नहीं होना चाहिए)।

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यह स्वीकार किया जाना चाहिए कि प्रतिस्पर्धियों पर किसी का कोई सीधा नियंत्रण नहीं हो सकता है, इसलिए तनाव के रूप में व्यतीत होने वाली ऊर्जा को आकस्मिक योजना बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है। कर्मचारियों के प्रत्येक व्यवहार और कौशल को प्रबंधित करने के बजाय, उनकी अनूठी शैली को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए जिससे रचनात्मकता को बढ़ावा मिले और उत्पादकता बढ़े।

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कई प्रबंधक अपने अधीनस्थों को एक निश्चित सीमा से अधिक स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए अनिच्छुक होते हैं, जिससे कर्मचारियों के आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। इस प्रकार नियंत्रण में अल्पकालिक अशांति की आशंकाएं, जैसे भेदभाव, विचारों में मतभेद, इत्यादि शामिल हैं। इन आशंकाओं को पूरी तरह से रोकने की कोशिश करने के बजाय, प्रबंधकों को मौजूदा संचार चैनलों को और अधिक पारदर्शी बनाने और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा में सुधार करने के लिए प्रयास करने चाहिए।

इसी प्रकार, आपके किसी निर्णय पर मीडिया की प्रतिक्रिया आपके प्रदर्शन के बारे में आपके विचार से पूरी तरह भिन्न हो सकती है। यहां तक कि अगर आपके अनुसार आपके निर्णय के पीछे वैध कारण व उद्देश्य हो सकते हैं, वहीं, मीडिया भ्रम पैदा कर सकता है और आपके ब्रांड या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है। इसमें हेरफेर के बजाय प्रयासों को एक मजबूत ब्रांड बनाने और ग्राहकों और हितधारकों के विश्वास को मजबूत करने में निवेश किया जा सकता है। इस तरह, अधीनस्थों और बाहरी परिस्थितियों को नियंत्रित करने के लिए अत्यधिक जुनून और महत्त्वाकांक्षा रखने के बजाय, सफल लीडर प्रेरणा के माध्यम से नेतृत्व करने पर ध्यान केंद्रित करना चुन सकते हैं और स्वयं उन गुणों को प्रदर्शित कर उदाहरण पेश कर सकते हैं, जो वे दूसरों में निर्मित करना चाहते हैं।