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आत्म-दर्शन: खुद पर रखें भरोसा

इस धरती पर मसीहा आए, भगवान आए, देवियां आईं, फिर भी लोगों की तकलीफें कम नहीं हुईं।
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सद्गुरु जग्गी वासुदेव

सद्गुरु जग्गी वासुदेव

सद्गुरु जग्गी वासुदेव

आपको क्या लगता है कि आसमान से कोई आएगा और आपके सारे दुख और तकलीफें दूर कर देगा। ऐसा कभी नहीं होता। इस धरती पर मसीहा आए, भगवान आए, देवियां आईं, फिर भी लोगों की तकलीफें कम नहीं हुईं। ये लोग आए और चले गए, लेकिन दुखी लोग आज भी दुखी हैैं। भगवान का सहारा होने के बाद भी वे दुखी हैं। इसके लिए न तो कोई बहाना चलेगा और न ही कोई कारण माना जाएगा। आपकी इन सारी तकलीफों का एक ही कारण है - और वह है आप खुद। अगर मैं आपसे कहता हूं कि आप सजग नहीं हैं या बेसुध हैं तो आप उसी को अपनी ढाल के रूप इस्तेमाल करने लगेंगे, 'अरे, मैं तो बेसुध हूं, मैं क्या कर सकता हूं ?' यह बहानेबाजी है। इससे समस्याओं का समाधान नहीं होता।

ध्यान रखिए, अगर कोई व्यक्ति सुबह अपने दांत साफ नहीं करना चाहता, लेकिन वह दिनभर फूलों की तरह महकना चाहता है, तो यह नहीं हो सकता। जीवन इस तरीके से घटित नहीं होता। अगर आप मिंट की खुशबू चाहते हैं तो आपको सुबह अपने दांत साफ करने ही होंगे। इसके लिए आपको खुद ही कोशिश करनी होगी। इसलिए समस्याओं का समाधान तलाश करने के लिए खुद को ही सक्रिय होना होगा। खुद पर भरोसा रखें। दूसरों से ऐसी अपेक्षा करना व्यर्थ है। हाथ पर हाथ धरे मत बैठिए, सजग और सक्रिय होंगे तो समाधान भी मिलेगा ही।

(लेखक ईशा फाउंडेशन के संस्थापक हैं)