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आपकी बात: क्या राजनीतिक दलों का लक्ष्य सत्ता पाना ही होना चाहिए?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

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Patrika Desk

Jul 14, 2022

आपकी बात: क्या राजनीतिक दलों का लक्ष्य सत्ता पाना ही होना चाहिए?

आपकी बात: क्या राजनीतिक दलों का लक्ष्य सत्ता पाना ही होना चाहिए?

आम जनता के हित में काम करें
राजनीतिक दलों को सत्ता का लालच न करते हुए आमजन के हित में काम करना चाहिए। राजनीतिक दलों को अपने नेताओं के माध्यम से जन जागरूकता के लिए प्रयास करने चाहिए। विपक्षी दल आंदोलन करके जनता की आवाज उठाएं।
-नरेश कानूनगो, देवास,मध्यप्रदेश
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जनता के साथ धोखा
नेताओं का एकमात्र लक्ष्य देश हित ही होना चाहिए। चुनावी भाषणों में तो वे देशहित और जन हित की बात करते हैंं, पर सत्ता मिलते ही देशहित और जनहित भूल कर अपने हित की बात करते हैं। सभी राजनीतिक दल आपसी वाद-विवाद में उलझ जाते हैं। जो जनत उन्हें संसद या विधानसभा तक पहुंचाती है, ये उसके साथ भी धोखा करते हैं।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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चाहिए सत्ता
राजनीतिक दलों का लक्ष्य सत्ता पाना ही नहीं होना चाहिए। लक्ष्य देश का विकास करना होना चाहिए। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, जनसंख्या वृद्धि से कैसे निपटा जाए, इसके लिए सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए। दलों का लक्ष्य सेवा होना चाहिए। हमारे देश में सभी दलों को बस सत्ता का मेवा चाहिए, यही इनका लक्ष्य रह गया है ।
-रणजीत सिंह भाटी, राजाखेड़ी, मंदसौर, मप्र
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सेवा भाव नदारद
आज की सियासत में नैतिकता, ईमानदारी के साथ ही सेवा भावना पूर्णरूपेण नदारद है। राजनीति का उद्देश्य वैसे तो जनसेवा और जनकल्याण ही है, मगर अब तो सिर्फ सत्ता प्राप्ति ही नजर आ रही है।
-साजिद अली, इंदौर
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जनता की सेवा प्राथमिकता
जनता की सेवा ही प्राथमिकता हो। हम किसी राजनीतिक दल को इसलिए चुनते हैं, ताकि वह जनता का भला कर सके। जब सत्ता हथियाना ही लक्ष्य है, तो जनता को दुख होता हैं।
प्रियव्रत चारण, जोधपुर
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सरकार तक जनता की बात पहुंचाएं
राजनीतिक दलों का लक्ष्य लोगों में आपसी सहयोग की संस्कृति का विकास करना है। इसके अलावा जनता की उचित मांगों को सरकार तक पहुंचाना और जनहित के लिए संघर्ष करना राजनीतिक दलों का लक्ष्य होना चाहिए ।
-पवन स्वाम, हनुमानगढ़
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देश सेवा हो लक्ष्य
राजनीतिक दलों का लक्ष्य सत्ता पाना नहीं होकर देश सेवा होना चाहिए, ताकि हमारा देश प्रगति के पथ पर दौड़ता रहे। कड़वी सच्चाई यही है कि आजकल राजनीतिक दलों का लक्ष्य येन-केन प्रकारेण सत्ता पाना ही होता जा रहा है।
राजेश कुमार, शाहपुरा, भीलवाड़ा
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लोकतंत्र को मजबूत करें
राजनीतिक दलों का लक्ष्य सत्ता पाना ही नहीं होना चाहिए। उनका लक्ष्य लोकतंत्र को मजबूत करना होना चाहिए। जनता और सरकार के बीच कड़ी को मजबूत करना चाहिए। अशिक्षा, भुखमरी, बेरोजगारी, गरीबी जैसी समस्याओं का निराकरण करना चाहिए। दूसरे देशों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करना राजनीतिक दलों का कार्य होता है। इसके अलावा कल्याणकारी योजनाओं से जनता को रूबरू कराना राजनीतिक दलों का प्रमुख कार्य है।
-खेमू पाराशर, भरतपुर
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जन सेवा हो लक्ष्य
आज के समय में राजनीतिक दलों का मुख्य लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ येन-केन प्रकारेण सत्ता हासिल करना ही रह गया है जबकि लक्ष्य समाज कल्याण और जन सेवा होना चाहिए। यदि केवल सत्ता पाना ही लक्ष्य रहा, तो यह लोकतंत्र के लिए बहुत ही घातक सिद्ध होगा।
-गायत्री मोदी, सादुलपुर, चूरू
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जन कल्याण हो लक्ष्य
राजनीतिक दलों का लक्ष्य केवल सत्ता पाना ही नहीं होना चाहिए, अपितु उन्हें देश हित का ध्यान रखना चाहिए। राजनीतिक दल सत्ता में न होते हुए भी जन कल्याण को ध्यान में रखकर कार्य करें।
-सुनील कुमार माथुर, जोधपुर