
बेहद महत्त्वपूर्ण हैं बच्चों के विकास में शुरुआती वर्ष,बेहद महत्त्वपूर्ण हैं बच्चों के विकास में शुरुआती वर्ष,बेहद महत्त्वपूर्ण हैं बच्चों के विकास में शुरुआती वर्ष
इसाबेल बार्डेम
यूनिसेफ प्रमुख,
राजस्थान
बच्चों का संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक और शारीरिक विकास पूरी क्षमता से हो इसके लिए उनके जीवन के शुरुआती वर्ष का समय महत्त्वपूर्ण होता है। बच्चे के मस्तिष्क का विकास गर्भावस्था के दौरान ही शुरू हो जाता है और वह मां के स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण से प्रभावित होता है। जन्म के बाद मस्तिष्क का विकास और तेजी से होता है, जो बच्चे की शारीरिक, बौद्धिक और भावनात्मक बेहतरी, सीखने की क्षमता और बाद में वयस्क होने पर उसकी उपार्जन की क्षमता और जीवन में सफलता निर्धारित करता है। प्रारंभिक बाल विकास (ईसीडी) एक व्यापक दृष्टिकोण है, जो यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक बच्चा, गर्भ से लेकर स्कूल में प्रवेश की उम्र तक, अपने विकास की पूर्ण क्षमता पा सके। बचपन की प्रारंभिक अवधि के विशिष्ट चरण होते हैं। ये चरण गर्भाधान से 24 महीने की अवधि के 1,000 दिनों पर विशेष ध्यान देते हुए गर्भाधान से जन्म तक और जन्म से 3 वर्ष तक के होते हैं। इसके बाद स्कूल जाने से पहले का और पूर्व-प्राथमिक वर्षों का एक और महत्त्वपूर्ण चरण आता है, जो आमतौर पर 3 से 6 साल तक का होता है।
ऐसे साक्ष्य हैं कि स्वास्थ्य और पोषण सेवा-वितरण के मौजूदा कार्यक्रमों से जोड़ देने पर ईसीडी कार्यक्रमों की 0.5 डॉलर प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष औसत लागत आती है। इस निवेश पर प्रतिफल बहुत अधिक मिलता है, क्योंकि यह गरीबी और आय के अंतर को 13 प्रतिशत से अधिक कम करता है और व्यक्तिगत वयस्क आय में लगभग 25 प्रतिशत तक सुधार लाकर उसमें योगदान कर सकता है। न्यूनतम निवेश से ऐसा उच्चतम फायदा राजस्थान के लिए तो बेहतर प्रस्ताव है, क्योंकि यह सात साल से कम उम्र के अनुमानित 1.2 करोड़ बच्चों का घर है। केंद्र और राज्य सरकारों दोनों ने बालकों के शुरुआती वर्षों में निवेश के महत्त्व को महसूस करते हुए, कई हस्तक्षेप शुरू किए हैं और बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन दोनों के संदर्भ में आवश्यक क्षमता का निर्माण किया है, विशेष रूप से जमीनी स्तर पर। जैसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) और सहायक नर्स दाइयां (एएनएम)।
जीवन के प्रारंभिक वर्षों के दौरान प्रत्येक बच्चे के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के सपने को साकार करने के लिए, अंतर-विभागीय सहभागिता तथा व्यवस्थाओं को मजबूत करके आवश्यक सेवाओं के वितरण में सुधार लाने और निवेश के लिए विभिन्न मंचों को मजबूत करने के लिए परिवर्तनकारी पहल करने की आवश्यकता है। इसके अलावा फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने, ईसीडी के लिए डेटा और साक्ष्य-संग्रह प्रणाली को मजबूत करने, कमजोर बच्चों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और बजट में पर्याप्त प्रावधान करने और ईसीडी पर खर्च करने में दक्षता लाने को सुनिश्चित करने के लिए मजबूत सार्वजनिक वित्तपोषण उपायों की भी जरूरत है।
सामाजिक क्षेत्र के परिणामों में सुधार के लिए अभिनव योगदान के लिए राजस्थान जाना जाता है। उसे आउट-ऑफ-बॉक्स समाधानों की खोज के लिए आगे बढऩा चाहिए, क्योंकि यहां के रेगिस्तानी, पहाड़ी और बीहड़ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों और परिवारों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग रणनीतियों की जरूरत पड़ती है। उदाहरण के लिए, हालांकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बेहद प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उनमें से कुछ की सीमित शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक बचपन की शिक्षा सेवाएं प्रदान करने की उनकी क्षमता को प्रभावित करती है। 3-6 साल के बच्चों के लिए राज्य द्वारा विकसित गुणवत्तापूर्ण ईसीई पैकेज देने में अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिए समुदाय से प्रतिबद्ध और शिक्षित युवा महिलाओं की पहचान करना इसका एक संभावित समाधान हो सकता है। पेरेंटिंग टिप्स देने की फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने से बच्चे की देखभाल और घरों पर उसे सुरक्षात्मक वातावरण देने में माता-पिता की भागीदारी में काफी सुधार हो सकता है।
एक पुरानी अफ्रीकी कहावत है कि 'एक बच्चे को पालने के लिए एक गांव की जरूरत होती हैÓ, जो बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण ईसीडी सेवाएं प्रदान करने के वास्ते साझेदारी और सहयोग की आवश्यकता के मामले में सच है। प्रारंभिक बाल विकास एक सरकारी प्राथमिकता है, जिसे अपने आर्थिक और राजनीतिक एजेंडे में उच्च स्थान मिलना चाहिए। साथ ही निजी क्षेत्र, नागरिक समाज, शिक्षाविदों और माता-पिता को भी इसका महत्त्व समझना चाहिए और इस दिशा में काम करना चाहिए।
Published on:
30 Sept 2022 07:20 pm
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