
आपकी बात, सरकारी विभागों में अब भी भ्रष्टाचार कम क्यों नहीं हो पा रहा?
समाज और भ्रष्टाचार
भ्रष्टाचार सरकारी विभाग के नए कार्मिकों को भी अपनी गिरफ्त में ले लेता है। इसके लिए कर्मचारी ही नहीं, जनता भी जिम्मेदार है। जनता की मानसिकता ऐसी बन गई है कि बिना पैसे दिए कुछ नहीं होगा। भ्रष्टाचार को समाज में पूर्ण स्वीकृति है। जब तक आम जनता की सोच नहीं बदलेगी, सरकारी विभागों का माहौल बदलने वाला नहीं है।
-गजेंद्र चौहान, डीग
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कानून का भय नहीं भ्रष्टाचार रोकने के लिए कानून बने हुए हैं। किसी को भी इन कानूनों का भय नहीं है। नेताओं का साथ मिल जाने से कर्मचारी बेखौफ गलत काम करते हैं।
-रोहित,डूंगरपुर
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काम निपटाने की समय सीमा तय हो
जनता से जुड़े सभी कार्यों को ऑनलाइन किया जाए एवं प्रत्येक कार्य के निपटारे की समय सीमा तय की जाए। जनता भी जल्दी कार्य करवाने के लिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है।
- संपत मेवाडा, सुमेरपुर, पाली
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सरकार का रवैया भी जिम्मेदार
सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है। असल में सरकार का भ्रष्टाचार के मामले में ढीला रवैया है। लोगों में भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता का अभाव है। भ्रष्टाचार विरोधी विभाग भी प्रभावी कदम नहीं उठाता।
-आदित्य चौहान, खोखरा, अहमदाबाद
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भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत हैं गहरी
बरगद का पेड़ जितना बाहर से दिखता है, उससे कहीं अधिक एवं गहरी उस की जड़ें होती हैं और वही जड़ें उसको खड़ा रहने में उसकी मदद करती हैं। इसी प्रकार भ्रष्टाचार रूपी पेड़ की जड़ें भी इतनी गहरी और मजबूत हैं कि आप उसको काटने या गिराने का कितना ही प्रयास कर लो किन्तु ये जड़ें उसको गिरने नहीं देंगी।
राजेश शर्मा, जयपुर
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सख्त कानून की जरूरत
भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। इसका कारण उच्च पदों पर बैठे अधिकारी भी हैं, जो अपने मातहतों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भ्रष्टाचार पर वार करने के लिए कानून सख्त होना चाहिए।
-हरिप्रसाद चौरसिया, देवास, मध्यप्रदेश
Published on:
28 Feb 2024 05:14 pm
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