
ropeway accident kashmir
हाल की घटनाओं ने एक बार फिर रोप वे और एडवेंचर राइडिंग के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जम्मू कश्मीर के बारामूला में गुलमर्ग गोंडोला में बचाव दलों ने अलग-अलग कैबिनों में फंसे तीन सौ से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया। इसके लिए बचाव दलों की तारीफ की जानी चाहिए। वहीं दूसरी ओर आगरा में एडवेंचर राइड के दौरान जिप लाइनिंग झूले का तार टूटने से किशोर की मौत सचमुच दुर्भाग्यजनक है।
गुलमर्ग गोंडोला एशिया की सबसे ऊंची और लंबी रोप वे में से एक है। हर साल यहां हजारों पर्यटक आते हैं। इसमें दो राय नहीं कि रोप वे, झूले व वाटर राइडिंग जैसी गतिविधियां पर्यटकों को रोमांचित करती हैं। लेकिन जब रखरखाव में खामियों के चलते तकनीकी खराबी आ जाए तो गुलमर्ग व आगरा जैसी घटनाएं होने में देरी नहीं लगती। बड़ी चिंता यह है कि इससे पहले भी अलग-अलग स्थानों पर हुए रोप वे या एडवेंचर राइड के दौरान हुए हादसों से भी सबक नहीं लिया गया। पिछले हादसों की जांच की लंबी-चौड़ी कवायद के बावजूद सुरक्षा मानकों के पालन में कोताही बरती जाने लगी है। रोप वे पहाड़ी और दुर्गम स्थानों पर जाने के लिए आसान माध्यम जरूर है लेकिन इनके संचालन में जरा सी चूक बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। सबसे बड़ी जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें इस तरह के हादसे हो ही नहीं।
यह तभी संभव है जब रोप वे के परिचालन से पूर्व नियमित सुरक्षा जांच का बंदोबस्त हो। हर साल संचालन अनुमति का नवीनीकरण भी होना जरूरी है। बिना सुरक्षा मानकों की पालना किए किसी भी तरह के रोप वे अथवा अन्य एडवेंचर राइडिंग को अनुमति नहीं दी जाए। और, सबसे बड़ी बात यह है कि लापरवाही के प्रत्येक मामले में सख्त सजा का प्रावधान हो। आम तौर पर यह देखने में आता है कि लापरवाही बरतने वालों पर मामूली कार्रवाई होकर रह जाती है। चाहे रोप वे का संचालन हो या दूसरे मनोरंजन पार्कों में एडवेंचर गतिविधियां। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां किसी भी अप्रिय स्थिति का तत्काल मुकाबला किया जा सके। ऐसे में आपातकालीन बचाव उपाय तो हर वक्त तैयार रखने ही होंगे। साथ ही, पर्यटकों को भी जानकारी दी जानी चाहिए कि ऐसी एडवेंचर राइडिंग में उन्हें क्या सावधानी रखनी है। सीट बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
गुलमर्ग हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट, कार्रवाई, हादसों के पीडि़तों को मुआवजा जैसे कदम हर हादसे के बाद उठाए जाते हैं। लेकिन तकनीकी खामियां न हो इस दिशा में अधिक काम होता नहीं दिखता। ऐसे स्थलों पर बड़ी जिम्मेदारी व जवाबदेही स्थानीय प्रशासन की होती है। इसलिए स्थानीय निकायों को व्यापक अधिकार भी देने होंगे ताकि वे कहीं रोप वे या एडवेंचर गतिविधि को असुरक्षित पाएं तो तत्काल बंद करा दें।
Published on:
27 May 2026 03:47 pm
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