
Asian Games 2018: 15 साल के शार्दुल ने भारत को दिलाया रजत पदक, 17 हुई पदकों की संख्या
नई दिल्ली। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में कॉपी-किताब और गिल्ली-डंडा होता है, उस समया में भारत के शार्दुल विहान ने भारत को एशियाई गेम्स में रजत पदक जीत कर नया इतिहास रच दिया है। शार्दुल ने आज डबल ट्रैप स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया। इस स्पर्धा में शार्दुल स्वर्ण पदक जीतन के बेहद करीब थे, लेकिन शार्दुल मात्र एक प्वाइंट के चूकने के कारण शार्दुल को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। शार्दुल के इस पदक के साथ ही भारत के पदकों की संख्या 17 हो गई है।
अंकुर मित्तल फाइनल में जाने से चूके-
शार्दुल फाइनल में 73 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक दक्षिण कोरिया के शिन ह्यूवो को मिला, वहीं कतर के हामद अली अल मारी ने 53 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। भारत के एक अन्य निशानेबाज अंकुर मित्तल इस स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश नहीं कर पाए। उन्हें क्वालिफिकेशन में नौवां स्थान हासिल हुआ। शार्दुल ने क्वालिफिकेशन में 141 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया था।
15 साल की उम्र और नौवीं का छात्र-
शार्दुल विहान की उम्र मात्र 15 साल है। वो इस समय नौवी के छात्र है। मूलत: उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले शार्दुल ने वो कर दिखाया है, जो अपने आप में इतिहास है। बताते चले कि इससे पहले मेरठ के ही सौरव चौधीरी ने भी शूटिंग में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। सौरव के बाद शार्दुल की ये कामयाबी बता रही है कि मेरठ के बच्चों का भविष्य काफी अच्छा है।
अंकिता रैना ने जीता कांस्य-
आज एशियाई गेम्स के पांचवें दिन का पहला पदक टेनिस में अंकिता रैना ने दिलाया। रैना ने टेनिस में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया था। वहीं टेनिस में ही रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ने फाइनल में पहुंचकर रजत पदक सुनिश्चित कर दिया है। तैराक श्रीहरि नटराज ने पांचवें दिन पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया है, तो तैराकी में ही वीरधवल खड़े 50मी।
Published on:
23 Aug 2018 03:06 pm
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