
बासेल : स्विट्जरलैंड में हुए बीडब्लूएफ विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप-2019 में भारत स्टार शटलर पीवी सिंधु ( PV Sindhu ) विश्व खिताब पर कब्जा जमाने वाली इकलौती खिलाड़ी नहीं हैं। उनके अलावा पैरा बैडमिंटन वर्ग में भारत की महिला पैरा शटलर मानसी जोशी ने अपना पहला विश्व चैम्पियनशिप खिताब जीता। उन्होंने फाइनल में हमवतन पारुल परमान को 21-12, 21-7 से मात देकर खिताब पर कब्जा जमाया।
जीत के बाद कहा- सपने के सच होने जैसा
विश्व चैम्पियनशिप का खिताब जीतने के बाद मानसी ने कहा कि यह उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए काफी कठिन ट्रेनिंग की। एक दिन में ट्रेनिंग के तीन-तीन सेशन लिए। उन्होंने कहा कि अपनी फिटनेस पर काम किया और अपना कुछ वजन कम करने के साथ मांसपेशियों को भी बढ़ाया। उन्होंने बताया कि जिम में ज्यादा समय बिताया और सप्ताह में छह सेशन ट्रेनिंग की।
स्ट्रोक्स पर भी किया काम
मानसी जोशी पुलेला गोपीचंद अकादमी में ट्रेनिंग करती हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान अपने स्ट्रोक्स पर भी काम किया। इसके लिए अकादमी में हर दिन ट्रेनिंग की। वह समझती हैं कि वह हर दिन लगातार बेहतर हो रही हैं और यह अब यह दिखना शुरू हो गया है।
2011 में एक दुर्घटना में खो दिया था एक पैर
मानसी जोशी ने 2011 में एक दुघर्टना में अपना बायां पैर खो दिया था। उन्होंने कहा कि इसके चार साल बाद 2015 से वह बैडमिंटन खेल रही हैं। जोशी ने कहा कि चलने के लिए वह अब नए वॉकिंग प्रॉस्थेटिक सॉकेट का उपयोग कर रही हैं। इससे पहले पिछले पांच साल से एक ही सॉकेट का इस्तेमाल कर रही थीं। इस कारण वर्कआउट के दौरान उनकी रफ्तार धीमी हो रही थी।
Updated on:
25 Aug 2019 08:04 pm
Published on:
25 Aug 2019 07:45 pm
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