
World Chess Championship Final: ग्रैंडमास्टर डी गुकेश पर उम्मीदों का बोझ कम है और वह आज सोमवार से सिंगापुर में शुरू हो रही विश्व चैंपियनशिप में चीन के डिंग लिरेन से भिड़ेंगे तो उनका लक्ष्य विश्वनाथन आनंद के बाद यह प्रतिष्ठित खिताब जीतकर पहला भारतीय बनने का होगा। अधिकांश शतरंज जगत गुकेश का समर्थन कर रहा है, क्योंकि यह 18 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी चैंपियन बनने वाला धैर्य दिखा चुका है। अब यह देखना होगा कि वह एक पखवाड़े तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के दौरान बड़े अवसर के दबाव से कैसे निपटते हैं।
इस साल के टूर्नामेंट में 138 वर्षों में पहली बार दो एशियाई खिलाड़ी खिताब के लिए एक-दूसरे से भिड़ेंगे। इस मुकाबले की इनामी राशि 25 लाख डॉलर है। ठीक एक साल पहले कोई भी गुकेश और लिरेन के बीच संभावित मुकाबले की भविष्यवाणी नहीं कर सकता था, क्योंकि चीन का खिलाड़ी पहले से ही गत विजेता था और भारतीय खिलाड़ी को बड़ी बाधाओं को पार करना था।
गुकेश भारत के लिए 2013 से चल रहे खिताब के सूखे को खत्म करना चाहेंगे। तब पांच बार के चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने नॉर्वे के सुपरस्टार मैग्नस कार्लसन को खिताब गंवा दिया था। आनंद इस प्रतियोगिता को जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं और वह चेन्नई में अपनी शतरंज अकादमी में उन्हें निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद गुकेश द्वारा उनकी बराबरी करने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
Published on:
25 Nov 2024 09:17 am
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