स्टूडेंट्स को हमेशा मोटिवेटेड रहने की जरुरत होती है। स्टडी के साथ साथ एंटरटेनमेंट के लिए OTT स्टूडेंट्स का सबसे पसंदीदा प्लेटफार्म है। ऐसे में उन्हें मोटिवेटेड रखने के लिए हम लाए हैं कुछ ऐसे कंटेंट जो उन्हें जरूर देखने चाहिए।
स्टूडेंट्स के दिलों पर राज करने वाली ढेरों मूवीज OTT पर आसानी से मिल जाएंगी। लेकिन उन मूवीज में कुछ ही किरदार ऐसे होते हैं जो स्टूडेंट्स के दिलों में जगह बना पाते हैं। ऐसे ही दो किरदार गौरी भैया और जीतू भैया के रूप में सामने आए। आइये आपको इनके तगड़े मोटिवेशन वाले डायलॉग से रू-ब-रू करवाते हैं।
सबसे पहले कोटा फैक्ट्री के जीतू भैया के सदाबहार डायलॉग्स की बात करते हैं। ये हैं जीतू भैया के सबसे पसंदीदा डायलॉग्स।
1. 'बच्चे कोटा से निकल जाते हैं, कोटा बच्चों से नहीं निकलता... इस कच्ची उमर में जब किसी चीज को इतना दिल से चाहते हो, तो मिल गई तो सुकून है। और नहीं मिली, तो मिलती है ईर्ष्या, चुभन, आत्म-संदेह। आत्मविश्वास गिर जाता है। फिर जितनी दुनिया नहीं समझती, उतना आदमी खुद को हारने वाला समझता है।'
2. 'गलत दिखाते हैं फ़िल्मों में कि रट-रट के किसी का हो रहा है सिलेक्शन। आईआईटी में चतुर नहीं जाते, सिर्फ रैंचो जाते हैं। 3 इडियट्स देखी है ना?'
3. '"एवरी चाइल्ड इज स्पेशल"- ये कोरी बकवास है। तू कोई अनोखा व्यक्तित्व नहीं ह।. ये समस्याएं हर साल हजारों बच्चों के साथ होती हैं। कोटा में आईआईटी की तैयारी करने से पहले यहां रहने की तैयारी करनी है।'
4. 'बोलते हैं ना, अगर आप अपनी क्लास में सबसे होशियार हैं, तो आप गलत क्लास में हैं। यहां किससे कंपीट करेगा?'
बात करें गौरी भैया कि तो उन्होंने 12th फेल मूवी में एक से बढ़कर एक पंच लाइन दिए हैं। लेकिन ज्यादा पसंद किए जाने वाला डायलॉग बना:
“जिस दिन हम में से किसी एक का भी जीत होता है, तो हिंदुस्तान के करोड़ों भेड़ बकरी का जीत होता है।”
इसी मूवी में आईएएस टीचर विकास दिव्यकीर्ति का एक डायलॉग खूब पसंद किया गया था:
“IAS बनना बड़ी बात नहीं है, बड़ी बात यह है कि जिस कुर्सी पर आप बैठेंगे, उससे आपकी इज्जत ना हो, बल्की आपसे उस कुर्सी की इज्जत बढ़े।”