आतंकवादियों ने रविवार सुबह खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) के लक्की मरवत (Lakki Marwat)में बुर्गी पुलिस स्टेशन पर हमला किया, जिसमें चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और इतने ही घायल हो गए।
पाकिस्तान के लक्की मरवत जिले में रविवार को एक पुलिस स्टेशन पर हमला हुआ है। जिसमें चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। भागने से पहले हमलावरों ने स्टेशन पर ग्रेनेड और स्वचालित हथियारों का इस्तेमाल किया।
पहले भी बनाया पुलिस को निशाना
रविवार का हमला नवंबर में टीटीपी द्वारा जिले के डडेवाला इलाके में एक नियमित पुलिस गश्ती दल पर घात लगाकर किए गए हमले के बाद आया है, जिसमें सभी छह पुलिसकर्मी मारे गए थे। इसके अलावा नवंबर में, एक आत्मघाती हमलावर ने क्वेटा के पास पोलियो कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए जा रहे पुलिस कर्मियों के काफिले के पास खुद को उड़ा लिया था। तब एक पुलिस अधिकारी और पास की एक कार में यात्रा कर रहे परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि 23 अन्य घायल हो गए।
टीटीपी पर हमले का संदेह
अब तक किसी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, लक्की मरवत जिले में पुलिस कर्मियों पर पिछले हमलों का दावा तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने किया था, जिसे पाकिस्तानी तालिबान भी कहा जाता है। पुलिस स्टेशन दूर-दराज के इलाके में स्थित है और लक्की शहर से पहुंचने में लगभग डेढ़ घंटे लगते हैं।
कहा था, हर जगह करो हमले
टीटीपी ने 28 नवंबर को सरकार के साथ जून में सहमत संघर्ष विराम को वापस ले लिया और अपने आतंकवादियों को देश भर में हमले करने का आदेश दिया। कहा गया कि चूंकि विभिन्न क्षेत्रों में मुजाहिदीन के खिलाफ सैन्य अभियान चल रहे हैं, इसलिए जरूरी है कि आप पूरे देश में जहां कहीं भी हमला कर सकते हैं, हमले करें। यह निर्णय लक्की मरवत जिले में सैन्य संगठनों द्वारा निरंतर हमलों की एक श्रृंखला शुरू करने के बाद लिया गया था। सरकार और समूह के बीच बातचीत पहली बार पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुई थी लेकिन दिसंबर में टूट गई ।