
लाहौर। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद पाकिस्तान में बौखलाहट बढ़ गई है। कश्मीर के नाम पर पूरी दुनिया से आर्थिक मदद लेने वाले पाकिस्तान की हकीकत फिर से पूरी दुनिया के सामने आ रही है।
जब इस मामले पर दुनिया के किसी भी देश ने समर्थन देने से इनकार किया तो अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक नया पैंतरा आजमाया है। इमरान खान धारा 370 को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
दरअसल, पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हिंदू नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे में बदलाव के भारत सरकार के फैसले को खारिज करते हुए इसकी निंदा की है। इससे पहले इमरान खान ने कहा था कि यह सब आरएसएस की साजिश है।
पाकिस्तानी मीडिया 'द न्यूज इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हरिराम किशोरी लाल, सिंध के मुख्यमंत्री के विशेष सहायक डॉ. खाटूमल जीवन, वीरजी कोल्ही, सांसद डॉ. महेश मलानी और सिंध के विधायक राणा हमीर सिंह ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि 'वे कश्मीरी भाइयों के उचित संघर्ष में उनके साथ हैं।'
इन नेताओं का कहना है कि भारत ने दक्षिण एशिया को गंभीर स्थिति की तरफ धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि सिंध के हिंदू अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए कोई भी बलिदान करने को तैयार हैं।
14 अगस्त को निकालेंगे रैली
रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदू नेताओं ने कहा कि 'कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और भारत सरकार को इसके विशेष दर्जे में बदलाव का कोई हक नहीं है।' उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भारत की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा को दफन कर दिया है।
सिंध के इन हिंदू नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से 'कश्मीर में हो रहे जुल्म का संज्ञान लेने का' आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय देश के स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को कश्मीरियों के समर्थन में राज्यभर में रैलियां निकालेगा। मंदिरों के बाहर पाकिस्तान और कश्मीर के झंडे फहराए जाएंगे।
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Published on:
12 Aug 2019 07:32 pm

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