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Balochistan Attack: पाकिस्तान में कोहराम, बस से उतार कर 92 लोगों को गोलियों से भूना, हाईवे पर बिछ गईं लाशें

Balochistan Attack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आतंकियों ने खूनी खेल खेलते हुए बस यात्रियों की आईडी चेक कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत है और रेलवे पुलों को भी बम से उड़ा दिया गया है।

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भारत

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MI Zahir

Feb 01, 2026

Balochistan Attack

बलूचिस्तान में हिंसा के बाद सांय सांय करता सन्नाटा।

Pakistan terror attack: पाकिस्तान का अशांत क्षेत्र बलूचिस्तान एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट और बम धमाकों से कांप उठा है। रविवार को यहां हुए कई समन्वित (coordinated) हमलों ने पूरे प्रांत को हिला कर रख दिया है। हथियारबंद हमलावरों ने न केवल पुलिस थानों को निशाना बनाया, बल्कि 92 आम नागरिकों को भी बस से उतार कर मौत के घाट उतार दिया। इस हमले में 15 सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हो गई । यह हाल के दिनों में पाकिस्तान (Pakistan News) में हुआ सबसे बड़ा और भीषण हमला (Balochistan Attack) माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे खौफनाक घटना बलूचिस्तान के मूसा खेल जिले में हुई। यहां हथियारबंद लड़ाकों (Baloch Libration Army) ने एक व्यस्त हाईवे को ब्लॉक कर दिया। उन्होंने वहां से गुजर रही बसों और ट्रकों को रोका। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने यात्रियों के आईडी कार्ड चेक किए और खास तौर पर पंजाब प्रांत से संबंध रखने वाले लोगों को नीचे उतारा। इसके बाद उन्हें कतार में खड़ा कर गोलियों से भून दिया गया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।

रेलवे ट्रैक और पुलिस थानों पर हमले

आतंकियों का कहर सिर्फ हाईवे तक सीमित नहीं था। उन्होंने बोलान और कलात जैसे इलाकों में भी कोहराम मचाया। खबर है कि एक अहम रेलवे पुल को विस्फोटकों से उड़ा दिया गया, जिससे बलूचिस्तान का रेल संपर्क अन्य प्रांतों से टूट गया है। इसके साथ ही, कई पुलिस स्टेशनों और लेवी (अर्धसैनिक बल) की चौकियों पर भी अंधाधुंध गोलीबारी की गई। इन हमलों का मकसद सुरक्षा बलों को उलझाए रखना और ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना था।

मरने वालों की बढ़ती संख्या

स्थानीय प्रशासन और राहत कर्मियों के लिए हालात संभालना मुश्किल हो रहा है। अलग-अलग जगहों पर हुए इन हमलों में मरने वालों की संख्या काफी अधिक बताई जा रही है, जिनमें सुरक्षाकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। दर्जनों वाहन जला दिए गए हैं, जिससे सड़कें धुएं के गुबार से भर गई हैं। अस्पतालों में घायलों की भीड़ लग गई है और इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।

किसने ली जिम्मेदारी?

इन हमलों की जिम्मेदारी प्रतिबंधित अलगाववादी समूह 'बलूच लिबरेशन आर्मी' (BLA) ने ली है। बीएलए ने एक बयान जारी कर दावा किया है कि उन्होंने एक बड़े ऑपरेशन के तहत इन हमलों को अंजाम दिया है। उनका कहना है कि वे बलूचिस्तान के संसाधनों पर बाहरी नियंत्रण का विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह समूह पहले भी चीनी नागरिकों और पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाता रहा है।

क्या कह रहे हैं जिम्मेदार ? (Shahbaz Sharif Statement)

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि "देश के दुश्मनों" को बख्शा नहीं जाएगा और इन कायरतापूर्ण हमलों का मुहंतोड़ जवाब दिया जाएगा।

गृह मंत्री: पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इसे देश की संप्रभुता पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि मारे गए बेगुनाह नागरिकों का खून बेकार नहीं जाएगा।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री: मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने दुख जताते हुए कहा कि आतंकवादियों ने उन मजदूरों और गरीबों को निशाना बनाया है जो अपनी रोजी-रोटी कमाने जा रहे थे।

अब आगे क्या होगा ?

सर्च ऑपरेशन: सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है और हमलावरों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन (Search Operation) शुरू कर दिया गया है।

हाई अलर्ट: क्वेटा समेत बलूचिस्तान के प्रमुख शहरों और पंजाब प्रांत की सीमाओं पर सुरक्षा 'हाई अलर्ट' पर कर दी गई है।

यातायात ठप: रेलवे ट्रैक टूटने और वाहनों के जलने के कारण बलूचिस्तान का सड़क और रेल संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसे बहाल करने में कई दिन लग सकते हैं।

सेना की तैनाती: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों और सेना की टुकड़ियों को भेजा जा रहा है।

क्यों सुलग रहा है बलूचिस्तान?

संसाधनों की लूट: बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है। यहां के स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार उनके प्राकृतिक संसाधनों (गैस और खनिज) का दोहन करती है, लेकिन उसका फायदा स्थानीय लोगों को नहीं मिलता।

चीन का दखल: चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत यहां बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। बलूच अलगाववादी इसे अपनी जमीन पर कब्जा मानते हैं और चीनी नागरिकों व प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाते हैं।

लापता लोग: बलूच कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना उनके युवाओं को जबरन उठा ले जाती है, जिससे लोगों में सरकार और सेना के खिलाफ गहरा गुस्सा है।

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