29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर में जंगल देखना है तो इस चिकित्सालय में चले जाइए

-अस्पताल के भीतर वार्डों के सामने उगी है झाडिय़ां-खाली जगह में पड़ा लाखों रुपए का कबाड़

2 min read
Google source verification

पाली

image

Suresh Hemnani

Sep 23, 2021

शहर में जंगल देखना है तो इस चिकित्सालय में चले जाइए

शहर में जंगल देखना है तो इस चिकित्सालय में चले जाइए

पाली। शहर में जंगल देखना है तो बांगड़ चिकित्सालय चले जाइए... यह शीर्षक पढकऱ चौंके नहीं। यह पूरी तरह से सत्य है। बांगड़ चिकित्सालय में वार्डों के पीछे और आगे बने खाली स्थानों पर झाडिय़ां व कई पौधे उग गए है। उन जगहों पर अस्पताल का पुराना कबाड़ भी सालों से पड़ा है, लेकिन उसे हटाने की जहमत कोई नहीं उठा रहा। स्थिति यह है कि उन झाडिय़ों में जहरीले जंतू भी बैठे रहते है। चंद रोज पहले ही चिकित्सालय के प्रथम तल पर नेत्र, इएनटी वार्ड के पास एक सांप आ गया था। गनीमत रही कि समय पर उसका पता लग गया और सांप को पकडकऱ जंगल में छुड़वाया गया। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक ना तो झाडिय़ां कटवाई गई है और ना ही कबाड़ को हटवाया गया है।

अस्पताल प्रशासन यह बता रहा कारण
अस्पताल में अधिक कबाड़ फर्नीचर का है। फर्नीचर व अन्य कबाड़ की अस्पताल प्रशासन की ओर से सूची तैयार कर जयपुर भेजी थी। वहां से इसके लिए एकाउंट के व्यक्ति को नियुक्त किया जाना था, लेकिन तीन-चार बार लिखने पर भी ऐसा नहीं किया गया है। इस कारण कबाड़ को निस्तारण नहीं किया जा रहा है। यह कबाड़ 10 लाख रुपए से अधिक का है। जो खुले में ही झाडिय़ों के बीच पड़ा है।

सफाई तक नहीं होती
अस्पताल में कोविड के समय बनाए गए आइसोलेशन वार्ड सी के पीछे टॉयलेट का सीवरेज है। उस जगह सहित अन्य वार्डों के पीछे की तरफ बने खाली जगहों पर जाने की जगह तक नहीं है। वहां खिडक़ी से कूदकर जाना पड़ता है। ऐसे में सीवरेज की सफाई नहीं होती है। वहां भी झाडिय़ां उग गई है। गंदगी फैली है। उसकी बदबू के कारण वार्डों में मरीजों का बैठना तक कई बार मुश्किल हो जाता है।

संक्रमण का भी खतरा
अस्पताल में कबाड़ व झाडिय़ों के बीच खाली स्थल पर लोग कचरा व मेडिकल अपशिष्ट तक डाल देते हैं। वार्डों के पीछे सीवरेज निकलने के स्थान पर भी सफाई नहीं है। ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। इन स्थलों पर मच्छरों की भी भरमार हो गई है। वह भी मरीजों के लिए परेशानी का खड़ी कर रहे हैं। जहरीले जंतूओं का खतरा तो है ही।

जल्द हटवाएंगे झाडिय़ां
कबाड़ की वैल्यू दस लाख से ज्यादा होने पर जयपुर से एकाउंट का व्यक्ति नियुक्त किया जाता है। वहां से पाली अभी उसे भेजा नहीं गया है। अब हम उसे दो-तीन हिस्सों में बांट कर अगले माह तक निस्तारित कर देंगे। झाडिय़ों के लिए कलक्टर से बात की थी। उन्होंने नगर परिषद व अस्पताल कार्मिकों को मिलाकर हटवाने का कहा है। -डॉ. दीपक वर्मा, प्रिंसिपल, मेडिकल, कॉलेज, पाली

Story Loader