Cinema halls closed in Pali : गर्मी की छुट्टियां हो चुकी हैं। लेकिन, शहरवासियों के सामने समस्या ये कि वे शहर में छुट्टियाें का लुत्फ उठाने जाएं भी तो कहां। शहर में मनोरंजन के साधनों की कमी है। पहले तो शहर में तीन सिनेमाघर थे। लेकिन, कोरोनाकाल में दो सिनेमाघरों पर ताला लग गया। एक थिएटर तो उससे पहले से बंद है। जो दो सिनेमाघर बंद हुए थे, उन्हें तो तोड़ दिया गया है। वहां अब मलबा ही नजर आ रहा है। ऐसे में लोगों के सामने सिवाय जोधपुर के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
नृसिंह सिनेमा : 1940 से शुरू हुआ सफर 2012 में थमा
शहर के भैरूघाट मार्ग पर पाली जिले का सबसे पुराना नृसिंह सिनेमा 2012 से बंद पड़ा है। इसका निर्माण 1940 को हुआ था। सिनेमाघर बंद होने से इसका असर आसपास की दुकानों पर भी पड़ा।
राजेन्द्र सिनेमा : बिल्डिंग का आधा हिस्सा गिराया
शहर के सूरजपोल चौराहे पर बना राजेन्द्र सिनेमा कोरोना काल में बंद हो गया था। इसके बाद सिनेमा का आधा हिस्सा तुड़वा दिया गया। सिनेमा परिसर में मलबा बिखरा पड़ा है।
मंथन सिनेमा : अब पोस्टर नहीं सिर्फ मलबा
शहर का मंथन सिनेमा भी कोरोना काल के समय बंद हुआ था। इसके बाद इस सिनेमाघर को तोड़वा दिया गया। वर्तमान में सिनेमाघर परिसर में मलबा बिखरा पड़ा है।
एक्सपर्ट कमेंट
मुश्किल का कारण… पहले टीवी और अब सोशल मीडिया
नृसिंह सिनेमा के संचालक कमल गर्ग ने बताया कि सिनेमाघर चलाना अब मुश्किल है। सिनेमाघर का निर्माण तो कमाई के लिए किया था, लेकिन पहले टीवी और अब सोशल साइड्स पर लोगों का ध्यान ज्यादा होने लगा है। हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल है। पहले लोग परिवार के साथ सिनेमाघरों में आते थे, लेकिन अब नहीं आते। इससे सिनेमाघरों का क्रेज कम हो गया। इसके अलावा हर साल लाइसेंस रिन्यू कराने समेत कई समस्याएं हैं। ये ही कारण है कि सिनेमाघर बंद हो गए। पाली शहर में नए सिनेमाघर बन नहीं रहे।