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Beautiful Destination: अच्छी बरसात से राजस्थान का ‘छोटा कश्मीर’ हुआ गुलजार, ट्रेक पर सेल्फी का क्रेज

Kashmir-Goramghat : मारवाड़ के कश्मीर गोरमघाट को निहारने पहुंच रहे सैलानी लापरवाही करने से नहीं आ रहे बाज

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पाली

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Suresh Hemnani

Jul 17, 2023

Beautiful Destination: अच्छी बरसात से राजस्थान का 'छोटा कश्मीर' हुआ गुलजार, ट्रेक पर सेल्फी का क्रेज

Beautiful Destination: अच्छी बरसात से राजस्थान का 'छोटा कश्मीर' हुआ गुलजार, ट्रेक पर सेल्फी का क्रेज

Kashmir-Goramghat : राजस्थान के पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के सबसे प्रख्यात पर्यटक स्थल मारवाड़ के कश्मीर गोरमघाट में इन दिनों पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। जैसे-जैसे पर्यटक स्थल सुर्खियों में आ रहा है, दूर-दराज से लोग यहां पहुंच रहे हैं। ऐसे में यहां के नजारे देखने के लिए लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर इस ट्रेन की यात्रा कर रहे हैं। कारण कि यहां आने-जाने के लिए मात्र एक ही ट्रेन है, जिसमें सवार होकर लोग यहां पहुंच रहे हैं।

लापरवाही... रोकने वाला कोई नहीं
गोरमघाट घूमने आने वाले पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालते हुए लापरवाही बरतते नजर आते है, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नजर नहीं आता। पर्यटक ऊंचे पुलियों के बीचों-बीच आकर फोटो खिंचवाते है। साथ ही झरने में नहाते समय भी बहते पानी में लोग लापरवाही बरतते हैं।

गिनती के डिब्बे और हजारों यात्री... तभी तो छत पर सफर
प्रतिदिन हजारों की संख्या में पहुंच रहे यात्री ज्यादातर ट्रेन से यात्रा करके यहां पहुंचना चाहते हैं। क्योंकि यहां के नजारों का आनंद ट्रेन से लेने का मजा ही कुछ और है। लोग ठूंस ठूंस कर इस ट्रेन में बैठते हैं और जब बिल्कुल जगह नहीं बचती तो ट्रेन की छत पर बैठ जाते हैं। जानलेवा रास्ते में अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करते हैं। ऐसे में हर दम हादसा होने की आशंका रहती हैं। रविवार को खामलीघाट से आई ट्रेन की छत पर बड़ी संख्या में लोग सवार थे।

दो-तीन महीने तक रहती है यह स्थिति
बरसात के मौसम में यहां गोरमघाट में दूर दराज से पर्यटक पहुंचते हैं, साथ इनके बाद रामदेवरा जाने के लिए बाबा रामदेव के जातरुओं की भीड़ इसी प्रकार उमड़ती है। ऐसे में आने जाने के लिए इसी प्रकार एक ही ट्रेन रही तो स्थिति और भी भयानक हो सकती है ।

सर्पिलाकार ट्रेक और हरी-भरी वादियां
कई वर्षों पूर्व अंग्रेजों ने अरावली पर्वतमाला का सीना चीर कर सर्पिलेकार में मीटर गेज का रेलवे ट्रेक बिछाया था, जिस पर मंद गति से पांच डिब्बों की रेलगाड़ी चलती है। गोरमघाट रेलवे स्टेशन दुनिया का पहला ऐसा स्टेशन था ,जहां पर पर पहले रात की रोशनी सौर ऊर्जा से होती थी। फुलाद रेलवे स्टेशन से घाट सेक्शन शुरू हो जाता है, जो खामलीघाट तक रहता है। ऊंचे नीचे पहाड़ों में से टपकता पानी, सर्पिलाकार रेलवे ट्रेक, दोनों छोर पर गहरी खायां, दो गुफाएं, इनके बीच सांप की तरह घुमावदार रास्तों से गुजरती रेलगाड़ी आकर्षण का केन्द्र है।

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