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यहां बीस दिन पहले अवैध शराब का मिनी प्लांट पकड़ा, अब फिर स्प्रिट शराब तस्करों ने बिछाया जाल

- नागौर से सटे आनंदपुर कालू क्षेत्र व जोधपुर से सटे रोहट इलाके में स्प्रिट शराब की तस्करी- पुलिस की नींद उड़ी

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पाली

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Suresh Hemnani

Jul 23, 2021

यहां बीस दिन पहले अवैध शराब का मिनी प्लांट पकड़ा, अब फिर स्प्रिट शराब तस्करों ने बिछाया जाल

यहां बीस दिन पहले अवैध शराब का मिनी प्लांट पकड़ा, अब फिर स्प्रिट शराब तस्करों ने बिछाया जाल

पाली। पाली जिले में एक बार फिर शराब दुखांतिका का खतरा मंडरा रहा है। आबकारी विभाग इससे बेखबर है। जोधपुर से सटे रोहट इलाका व नागौर से सटा जैतारण, आनंदपुर कालू व रास के इलाके में स्प्रिट शराब की बिक्री इन दिनों हो रही है, जो बड़ा खतरा है। इस शराब से मौतें तक हो सकती है। इसको लेकर पुलिस की नींद उड़ी हुई है। तस्करों ने अपना जाल बिछा दिया है। पुलिस को इसकी भनक भी लग गई है, लेकिन आबकारी इस दिशा में कोई काम नहीं कर रही है।

आनंदपुर कालू में बीस दिन पहले पकड़ा था मिनी प्लांट
आनंदपुर कालू थाना पुलिस ने लाम्बिया गांव में किराए के एक मकान में चल रहे अवैध शराब के प्लांट को पकड़ा। यहां आरोपी शराब में स्प्रिट मिलाकर अन्य बोतलों में पैक कर तस्करी करता था। मौके से पुलिस ने अवैध शराब के 274 पव्वे, खाली ढक्कन, पाउच बरामद किए थे। आचार्यों का वास लांबिया गांव में भगवान राम पुत्र भागूराम देवासी के मकान को राजतिलक पुत्र रामनिवास जाट निवासी जसवंताबाद जिला नागौर ने किराए लिया। राजतिलक ने इस मकान में अवैध शराब की रिफलिंग का प्लांट लगा रखा था। पुलिस ने राजतिलक को गिरफ्तार किया था। अब इस इलाके में फिर से स्प्रिट निर्मित शराब बनने के समाचार है।

जोधपुर के ग्रामीण इलाकों व नागौर से जुड़े तस्करों के तार
जानकारों की माने तो जोधपुर के लूणी सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों व नागौर के मेड़ता, पादू कलां सहित आसपास के इलाकों से पाली के तस्करों के तार जुड़े हुए हैं। वे यहां मिनी प्लांट लगाकर अवैध शराब की रिफलिंग कर रहे हैं और यह खेप पाली में भेज रहे हैं। यह शराब जहरीली भी हो सकती है।

पूर्व में हो चुकी है शराब दुखांतिका
जनवरी 2011 में पाली में शराब दुखांतिका हुई थी। जांच में पता चला था कि मिथाइल एल्कोहल से बनी जहरीली शराब से 18 मौतें हुई थी। वर्तमान में स्प्रिट निर्मित शराब की बिक्री होने से पुलिस परेशान है, वहीं आबकारी इससे बेखबर है।

इसलिए रहता है स्प्रिट शराब से खतरा
शराब इथाइल एल्कोहल से बनाई जाती है, ऐसा ही दिखने वाला मिथाइल एल्कोहल आता है। दोनों में फर्क निकालना मुश्किल होता है। इसमें अंतर केवल लेबोट्ररी रिपोर्ट से ही पता चल सकता है। तस्करों के हाथ मिथाइल एल्कोहल लग गई और इससे शराब बनाई गई तो पीने वाले की मौत हो सकती है और आंखों की रोशनी तक जा सकती है। जहां भी शराब दुखांतिकाएं हुई है, वहां मिथाइल एल्कोहल की शराब से दुखांतिकाएं होना सामने आया है।

सूचना मिली है, तलाश कर रहे हैं
आनंदपुर कालू क्षेत्र में अवैध स्प्रिट की शराब बनाकर बेचने की सूचना मिली है, तस्करों की तलाश की जा रही है। पहले भी पुलिस ने लाम्बियां में अवैध शराब का मिनी प्लांट पकड़ा था। - शारदा विश्नोई, थानाधिकारी, आनंदपुर कालू, पाली

पुलिस से सम्पर्क करेंगे
स्प्रिट शराब के जैतारण क्षेत्र में मिनी प्लांट की जानकारी नहीं है। पूर्व में पुलिस ने तस्कर को पकड़ा था, आबकारी उसे प्रोडक्शन वारंट पर नहीं ले सकती। तस्करी रोकने के लिए पुलिस से सम्पर्क करेंगे। - सुमित कुमार, आबकारी निरीक्षक, जैतारण, पाली।

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