
पाली का कलक्टर कार्यालय।
आओ सा..., बैठो आप तो..., आपने कांई लागे इण बार किणरो पलड़ो भारी है..., सरकार पाछी आवैला कै कोनी..., स्टार नेताजी आवैला तो माहौल बणेला...। मारवाड़ी अंदाज में ये बातें चाय की थडि़यों के साथ सरकारी कार्यालयों में इन दिनों आम है। वैसे तो जिले में 8000 से अधिक कार्मिकों के चुनावी ड्यूटी पर होने के कारण कार्यालयों में सन्नाटा पसरा है। जो कार्मिक कार्यालय में रहते हैं या चुनावी ड्यूटी पर लगे कार्मिकों व अधिकारियों से कोई मिलने पहुंचता है तो काम के साथ चुनाव के जीत-हार का गणित इसी तरह से पूछा व बताया जा रहा है। इस चर्चा में हर व्यक्ति जिले की छह विधानसभा सीटों के साथ प्रदेश में कड़ा मुकाबला बता रहा है।
कलक्ट्रेट कार्यालय परिसर
कलक्ट्रेट परिसर के एक कक्ष में गए तो वहां कुछ लोग अपने कार्य में व्यस्त थे। उसी समय दो जने वहां पहुंचे तो अधिकारी बोले कैसी रही दिवाली। जवाब मिला बढि़या रही साहब। फिर चर्चा शुरू हुई चुनावी हलचल की। चर्चा के बीच एक जना बोला इस बार तो सट्टा बाजार भी स्पष्ट जीत किसी की नहीं बता रहा। दूसरे ने तपाक से कहा पाली में भी पता नहीं लग रहा कौन जीतेगा। सभी ने अलग-अलग आधार पर अलग-अलग प्रत्याशियों का पलड़ा भारी बताया।
शिक्षा विभाग व सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर
वहां पर आला अधिकारी तो नहीं थे, लेकिन कुछ कार्मिक बैठे थे। उनके पास पहुंचे तो एक जना कह रहा था, थै बताओ ओ प्रत्याशी किकण जीते ला। उनके पास बैठा दूसरा व्यक्ति बोला, देखो इस प्रत्याशी ने इतने काम किए है। जीत का अंतर कम रहेगा, लेकिन जीतेगा तो यही। इसी तरह कलक्ट्रेट के एक कक्ष में सट्टा बाजार के आधार पर जीत-हार का कयास लग रहा था। वहीं पेंशनर्स समाज भवन के बाहर कुछ लोग आरजीएचएस व योजनाओं से कयास लगाते मिले।
Published on:
18 Nov 2023 09:49 am
