
wedding ceremony: चंद दिन बाद ही हर गली-मोहल्ले में गूंजेगी शहनाई
देश शयनी एकादशी के बाद देव उठनी एकादशी पर एक बार फिर हर तरफ शहनाई की गूंज सुनाई देगी। चार महीने बाद जिले में विवाहोत्सवों की धूम मचेगी। देवउठनी एकादशी 23 नवम्बर को है। उस दिन से जो सावे शुरू होंगे, वे दिसम्बर के दूसरे पखवाड़े तक अनवरत जारी रहेंगे। पंचांग के अनुसार हर साल देवउठनी एकादशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती हैं। देवउठनी एकादशी के दिन भगवान शालीग्राम का माता तुलसी के साथ विवाह हुआ था। एकादशी से मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन, यज्ञोपवित संस्कार, गृह प्रवेश आदि शुरू होंगे।
पं. ओमदत्त दवे ने बताया कि नवंबर और दिसंबर में 13 शुभ विवाह मुहूर्त बन रहे हैं। देव उठनी एकादशी 23 नवंबर से शादी-विवाह के मुहूर्त प्रारंभ होंगे और 15 दिसंबर को इस अंग्रेजी साल का अंतिम विवाह मुहूर्त रहेगा। नवंबर में 5 शुभ दिन हैं, जबकि दिसंबर में 8 विवाह मुहूर्त हैं। नवंबर में विवाह की तारीख 24, 25, 27, 28 व 29 हैं। इसी प्रकार दिसंबर में विवाह की तारीख 3, 4, 7, 8, 10, 13, 14, 15 को हैं। 23 नवंबर को स्वयं सिद्ध अबूझ विवाह मुहूर्त हैं। इस दिन रेवती नक्षत्र रहेगा। कार्तिक पूर्णिमा 27 नवंबर को हैं। पूर्णिमा तिथि विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।
विवाह भवन बुक
देवउठनी एकादशी पर जिलेभर में दो से ढाई हजार शादियां होगी। ऐसे में शादियों को लेकर मैरिज गार्डन, धर्मशालाएं, होटल, हलवाई, टेंट आदि बुक हो चुके है। विवाह आयोजकों के घरों में भी इन दिनों शादी की तैयारियां चल रही है। बैण्ड बाजे, घोड़ी पहले ही बुक हो चुके हैं।
कई लोग अन्य शहरों में जाकर करेंगे विवाह
विवाह में प्री वेडिंग शूट कराने और वेडिंग डेस्टिनेशन का नया ट्रेंड है। इसी के चलते कई लोग वेडिंग डेस्टिनेशन के तहत गांवों व शहर के बाहर अन्य शहरों का रुख करेंगे। जहां उन्होंने पहले से बुकिंग करवा रखी है। पाली के भी जवाई बांध व सादड़ी क्षेत्र में बुकिंग है। इसके अलावा उदयपुर, जोधपुर व जयपुर आदि जगह भी लोगों की पसंद है।
Published on:
16 Nov 2023 10:12 am
