
फालना का छाता उद्योग अब फैलाएगा पंख
पाली/फालना। प्रतिस्पद्र्धा की मार झेल रहे फालना के छाता उद्योग [ Umbrella Industry of Falna ] को केन्द्र के बजट [ central budget 2022 ] से ऑक्सीजन मिल गई है। बजट में विदेश से आयातित होने वाले तैयार छातों के साथ ही इनके पाट्र्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। ऐसे में विदेशी छातों से प्रतिस्पद्र्धा झेल रहे फालना के छाता उद्योग को काफी राहत मिलेगी। हालांकि, जोधपुर के प्रमुख हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग को बजट में विशेष कुछ नहीं मिल पाया है। आयातित कच्चे माल या एसेसरीज पर कस्टम ड्यूटी 2.5 प्रतिशत घटाकर राहत का झुनझुना भर थमा दिया गया है। जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर अपना माल निर्यात करने के लिए विदेशों से कच्चा माल आयात करते है (जिसमें पॉलिस, हार्डवेयर आदि शािमल है) इनके आयात पर कस्टम ड्यूटी 7.5 से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। इससे हैण्डीक्राफ्ट इंडस्ट्री पर खास असर नहीं होगा।
दरअसल, चाइना से आयात हो रहे छातों के कारण देश में निर्मित होने वाले छातों के साथ ही फ ालना में उत्पादित छाता महंगा साबित हो रहा था। प्रतिस्पर्धा के युग में स्वदेशी छाता महंगा मिल पा रहा था, जिससे लोग स्वदेशी के बजाय चाइना निर्मित छातों को तरजीह दे रहे थे। छाता उद्यमियों की इस समस्या के समाधान तथा स्वदेशी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ने इस बजट में विदेशी तैयार छातों के साथ ही बाहर से आने वाले इसके पाट्र्स पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है।
विदेशी छातों पर आयात शुल्क अब दुगुना
वित्तीय वर्ष 2022-23 के आम बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वदेशी छातों को बढ़ावा देने की मंशा से विदेशों से आयात होने वाले तैयार छातों पर सीमा शुल्क 10 से बढ़ा कर 20 प्रतिशत करने की घोषणा की। साथ ही विदेश से आयातित छातों के पाट्र्स पर कस्टम ड्यूटी को 5 से बढ़ा कर 10 प्रतिशत करने की घोषणा की है। इस कदम का फालना के छाता उद्यमियों ने स्वागत किया। राजस्थान अम्ब्रेला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र चौपड़ा, सचिव उमेश शर्मा, रामकिशोर गोयल, अरुणकुमार चौधरी, प्रवीण राठौड़, नरेंद्र सुथार, महेंद्र बलडोटा, अंकित राठौड़, बस्तीमल मेहता, राजेन्द्र सेठ, अम्बालाल जैन, शांतिलाल कंसारा, महावीर अग्रवाल, महिपाल राठौड़ ने वित्त मंत्री के इस निर्णय की सराहना की।
कंटेनरों, माल भाड़े में राहत नहीं
कोरोना के कारण उपजी लॉजिस्टिक समस्या के लिए सरकार ने कोई हल नहीं निकाला है। प्रदेश व जोधपुर के निर्यातक इस समय कंटेनरों, माल भाड़ा व कंटेनर स्टोरेज आदि समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिनको लेकर बजट में कोई राहत नहीं दी गई है। हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक सरकार से लॉजिस्टिक सपोर्ट की उम्मीद लगाए बैठे थे। बजट में हैण्डीक्राफ्ट निर्यात सेक्टर की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। माल भाड़े में छूट के साथ कंटेनरों की कमी की समस्या के लिए कोई विकल्प नहीं मिला है।
एक नजर में फालना का छाता उद्योग
- 80 छोटी-बड़ी इकाइयां
- सात हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार
- 100 करोड़ से अधिक सालाना टर्नओवर
Published on:
02 Feb 2022 08:18 pm

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