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जो बोलते नहीं, उनकी पीड़ा समझी, एकत्रित किया धान

- पाली शहर के निकटवर्ती मंडिया गांव में ग्रामीणों की पहल

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पाली

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Suresh Hemnani

May 02, 2020

जो बोलते नहीं, उनकी पीड़ा समझी, एकत्रित किया धान

जो बोलते नहीं, उनकी पीड़ा समझी, एकत्रित किया धान

पाली/गिरादड़ा। लॉकडाउन [ Lockdown ] में राहत शिविरों के साथ जरूरतमंदों की सहायता [ Help to needy ] के लिए कई लोग आए है। ऐसे में पक्षियों व मवेशियों की ओर किसी का ध्यान नहीं गया, लेकिन मंडिया गांव के रहने वालों ने पक्षियों की पीड़ा समझी। जिनको किसी भी जगह पर चुग्गा नहीं मिल रहा है।

ग्रामीणों ने पक्षियों के लिए गांव के हर घर से धान एकत्रित किया है। ग्रामीण भगाराम सोलंकी व तोलाराम सोलंकी ने बताया कि कई लोगों ने पक्षियों के लिए पानी व चुग्गे के लिए रुपए भी दिए। यह धान और रुपए फुलाद समेत बड़े गांवो के चुग्गाघरों में भेजा जाएगा।

रोजाना बांट रहे 400 खाने के पैकेट
पाली। सिद्धि विनायक नवयुवक मण्डल की ओर से लगातार 22 दिनों से कोरोना महामारी में राजेन्द्र नगर व भालेलाव रोड पर रोजाना 400 खाने के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इस मौके पार्षद हिरादेवी, मुकेश गोस्वामी, गोतम शर्मा, हरीश शर्मा, प्रधुमन वैष्णव, जगदीश मेघवाल, अनिल जाट, राधेश्याम, देवेन्द्रसिंह दीपक गोपलानी सहित कई जने सेवा में जुटे हुए हैं।

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