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weather update : राजस्थान में मानसून की बारिश जहां कुछ स्थानों को तरबतर कर रही है, वहीं कई गांवों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। स्थिति यह हो गई कि लगातार बारिश के चलते पानी उतरने की जगह बढ़ता जा रहा है, ऐसे में लोग अब पलायन करने लगे हैं ताकि किसी सुरक्षित स्थान पर रह सकें। ऐसा ही मामला जालोर जिले के सांगवाड़ा का सामने आया है, जहां पिछले दिनों हुई बारिश के चलते दर्जनों घर पानी में डूब चुके हैं और लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की तलाश में लगे हैं।
स्वास्थ्य केन्द्र और स्कूल तक पानी में डूबे
उपखंड मुख्यालय चितलवाना से महज 7 किलोमीटर दूर सांगड़वा गांव में बारिश के कारण ग्राम पंचायत भवन, उप स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर सहित दर्जनों घर पानी से घिर चुके हैं। पानी से घिरे घरों में रहने वाले लोग अपना जरूरी सामान लेकर अन्यत्र शरण ले रहे है। गांव में तीन-तीन फीट तक पानी भर गया है। ग्राम पंचायत मुख्यालय से चितलवाना को जोडऩे वाला सडक़ मार्ग पर भी पानी भरने के कारण अवरुद्ध हो गया है।
घरों में अनाज तक हो गया खराब
घरों में पानी भरने के कारण अनाज सहित अन्य सामान भी डूबने से खराब हो गया है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सांगड़वा के मुख्य प्रवेश द्वार तक पानी पहुंच गया है। विद्यालय के बच्चे दो-दो फीट पानी को पारकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। बाढ़ जैसे हालात बनने के कारण गांव स्थिति भयावह बन रही है। इधर, गांव के कई घरों में बिपरजॉय तूफान के कारण पहले से ही पानी भरा हुआ है। गांव डूब क्षेत्र में बसा होने के कारण पानी निकासी का कोई रास्ता भी नहीं है। वहीं, सोमवार को नर्मदा नहर के नाले से गांव में पानी की आवक जारी थी। सरपंच ने बताया कि खेतों का पानी नाले में गिर रहा है और नहर रेत से भरी होने के कारण पानी गांव में घुस रहा है। जिसको रोकने के लिए जेसीबी लगाकर नहर को खाली करवाया जा रहा है, ताकि पानी की आवक को रोका जा सके।
रिश्तेदारों के यहां ले रहे शरण
पंचायत प्रशासन ने जिन लोगों के घर डूब गए हैं उन्हें अपने रिश्तेदारों के यहां ऊंचे घरों में शरण लेने को कहा है। सांगड़वा निवासी गिरधारी लाल देवासी ने बताया कि उसका पूरा घर डूब गया है। ऐसे में उसने दूसरे घर में जाकर शरण ली है। बालका राम देवासी ने बताया कि उसका घर पिछले एक महीने से पानी में डूबा हुआ है। ऐसे में ऊंचे स्थान पर शरण लेनी पड़ी है। जसाराम देवासी एवं केसाराम देवासी ने बताया कि बिपरजॉय के बाद से ही गांव के एक बंद पड़े निजी विद्यालय में रह रहे हैं।
नेहड़ क्षेत्र के हालात विकट
नेहड़ क्षेत्र के गांवों में पिछले तीन-चार दिनों से रुक-रुक कर बारिश जारी है। ऐसे में निचले इलाकों में जगह-जगह पानी भर चुका है। सडक़ मार्ग सहित अन्य कच्चे मार्गों पर भी पानी जमा है। कस्बे के नाइयों का वास के कई घर पानी में डूबे हुए हैं। हाडेचा से खासरवी सडक़ मार्ग और हाड़ेचा से डडूसन मार्ग पर 3 फीट पानी जमा होने के कारण आवागमन बाधित हो गया है।
Published on:
25 Jul 2023, 3:11 PM IST
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