
Nepal Protest नेपाल में हिंसा के बाद बिहार के छह जिलों के सीमा को सील कर दिया गया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल और किशनगंज की अंतरराष्ट्रीय सीमा को बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सील कर दिया गया है। पर्यटकों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। गहन जांच-पड़ताल के बाद ही स्थानीय लोगों को भी आने-जाने की इजाजत दी जा रही है।
नेपाल में युवाओं के आंदोलन उग्र होने के बाद यह फैसला लिया गया है। दरअसल, नेपाल सरकार ने नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया था। इसके बाद नेपाल के युवा आक्रोशित हो गए। हालांकि इंटरनेट मीडिया पर पाबंदी के बाद भी आंदोलन समाप्त होता नहीं दिख रहा है। नेपाल में उग्र प्रदर्शनों के बीच बिहार के वो छह जिले जो नेपाल से सटे हैं वहां पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), अन्य सुरक्षा एजेंसियां और असूचना इकाइयां गृह मंत्रालय के निर्देश पर अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को भी अलर्ट करते हुए कहा है कि हर खूफिया सूचना पर पैनी नजर रखें। इसके साथ ही उनको निर्देश दिया गया है कि वो पड़ोसी जिलों के साथ तालमेल बनाकर काम करें। पुलिस और एसएसबी की सीमा चौकियों और गांवों के आसपास गश्त चल रही है।
पुलिस मुख्यालय ने पुलिस और एसएसबी के जवानों को आदेश दिया गया है कि वो किसी भी अप्रिय हालात से निपटने के लिए सतर्क रहें। पुलिस मुख्यालय का कंट्रोल रूम सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों से लगातार रिपोर्ट ले रहा है। एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने बताया कि जब तक नेपाल में हालात सामन्य नहीं हो जाते, तब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा को सील कर दिया गया है। पर्यटकों के आने-जाने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
Updated on:
10 Sept 2025 02:23 pm
Published on:
10 Sept 2025 02:23 pm
