
रोशनी कुमारी। फोटो -पत्रिका
पटना में NEET छात्रा से कथित रेप-मौत मामले में चित्रगुप्त नगर पुलिस की वजह से पटना पुलिस की भद पिट गई। चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी के एक के बाद एक आधारहीन दावे ने पुलिस की जांच पर ही सवाल खड़े कर दिए। पत्रकारों के सवाल से अब पुलिस भागते फिर रही है। हालांकि सरकार ने आनन-फानन में एसआईटी का जरूर गठन किया। लेकिन, इसके बाद भी चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। पटना एसएसपी ने शनिवार को चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रौशनी कुमारी को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड थाना प्रभारी रोशनी कुमार आभूषण की शौकीन हैं।
पटना पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस नोट में SHO पर मामले की जानकारी जुटाने में लापरवाही, समय पर जरूरी कार्रवाई नहीं करने, संवेदनशील केस होने के बावजूद प्रारंभिक जांच को गंभीरता से नहीं लिया। इसको लेकर पटना के एसएसपी ने SHO रौशनी कुमारी को कर्तव्य में घोर लापरवाही का दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया।
सस्पेंड के बाद SHO रौशनी कुमारी का 2023–24 का एसेट डिक्लरेशन जो सार्वजनिक किया है उसके अनुसार उनके पास नकद: 25,000 रुपये, मोतिहारी में 25,000 रुपये, SBI बिश्वेश्वरैया भवन पटना में 2,35,000 रुपये हैं। अर्थात- कुल बैंक बैलेंस: 2,60,000 रुपये हैं। इसके साथ ही एक रॉयल एनफील्ड (2022 मॉडल) है। रोशनी कुमारी आभूषण की बहुत ही शौकीन है। उनके पास 232 ग्राम सोना, 2 ग्राम का हीरा और 400 ग्राम चांदी भी है। उनकी ओर से शेयर किए गए संपत्ति विवरण में किसी भी प्रकार का शेयर, बॉन्ड या अन्य निवेश की चर्चा नहीं है।
शंभू हॉस्टल में रहने वाली छात्रा को 6 जनवरी को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल में छात्रा भर्ती होने के बाद प्रबंधन का दावा है कि पूरे मामले की तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दे दी थी। इसके बावजूद चित्रगुप्त नगर पुलिस 6, 7 और 8 जनवरी तक खामोश रही। 9 जनवरी को छात्रा के परिजनों को अस्पताल के ही एक डॉक्टर ने कहा कि आपकी बेटी के साथ कुछ गलत हुआ है, तब परिजनों ने इसको लेकर एफआईआर चित्रगुप्त नगर थाना में दर्ज किया। लेकिन, इसके बाद भी पुलिस ने इस पूरे मामले में चुप्पी साधे रही। परिजन थाना प्रभारी से बार- बार जांच की मांग करते रहे, रौशनी कुमारी परिजनों की गुहार को नजर अंदाज करती रही। सूचना मिलने के तीन बाद भी वो जांच के लिए हॉस्टल नहीं गई। उन्होंने अपने ड्राइवर को वहां भेजकर हॉस्टल से डीवीआर मंगवाया। घटना के तीन बाद हॉस्टल में लगे सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को पुलिस जब्त की। हॉस्टल में छात्रा के कमरे को लॉक नहीं किया। जिसकी वजह से हॉस्टल संचालक ने छात्रा के कमरे से बाहर निकलने पर कमरे को साफ कर दिया और चादर भी धूल दिया। जिससे साक्ष्य समाप्त हो गए।
Updated on:
27 Jan 2026 02:37 pm
Published on:
27 Jan 2026 02:35 pm

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