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NEET छात्रा मौत कांड: पटना गर्ल्स हॉस्टल केस में SIT जांच तेज, थानाप्रभारी रोशनी भी जांच के घेरे में

पटना गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में एसआईटी के जांच घेरे में चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रोशनी कुमार भी आ गई हैं। सूत्रों का कहना है कि एसाईटी ने इसको लेकर उनसे लंबी पूछताछ की है।

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रोशनी कुमारी। फोटो -पत्रिका

पटना गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में एसआईटी ने गुरूवार को चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रोशनी कुमार से लंबी पूछताछ की। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने थाना प्रभारी रोशनी कुमार से घटना के बाद हॉस्टल के मालिक और गर्ल्स हॉस्टल की संचालिका से जुड़े कई सवाल किए। सूत्रों का कहना है कि घटना के
बाद रोशनी कुमारी की इन दोनों से कई बार काफी देर-देर तक बातचीत से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद एसआईटी ने इनसे पूछताछ की है।

थानाप्रभारी रोशनी जांच घेरे में

रोशनी कुमार इस मामले में शुरू से ही शक के घेरे में हैं। रोशनी पर पीड़िता के परिजनों ने कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके साथ ही रोशनी पर साक्ष्य नष्ट करने और जांच में लापरवाही बरतने का आरोप भी है। इसके साक्ष्य मिलने पर पटना के एसएसपी ने कुछ दिन पहले सस्पेंड कर दिया था। अब एसाईटी के जांच के दायरे में रोशनी कुमारी के आने के बाद इसकी संभावना बढ़ गई है कि कुछ लोगों से पुलिस पूछताछ कर सकती है।

क्या है मामला

शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद से ही चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस की संवेदनशीलता और जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़िता के परिजनों की ओर से छात्रा के साथ रेप मामले में एफआईआर दर्ज कराया गया था, लेकिन चित्रगुप्त नगर पुलिस इस पूरे मामले को'सुसाइड' का रूप देने में लगी थी। जबकि पीड़िता के परिजन छात्रा के शरीर पर चोट के निशान का हवाला देकर उसके साथ जबरदस्ती की बात कह रहे थे। इस पूरे मामले की सूचना मिलने के बाद भी चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रौशनी की लापरवाही की वजह से सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे थे? एसएचओ ने खुद मौके पर जाने के बजाय अपने प्राइवेट ड्राइवर से सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर लाने के लिए भेजा था। इस घटना के सामने आने के बाद से ही रौशनी कुमारी कठघरे में खड़े हो गई थी। मामले के तुल पकड़ने पर पुलिस मुख्यालय की ओर से इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा पटना पुलिस से लेकर एसआईटी को दे दिया गया था। लेकिन, जांच से अलग हटने के बाद भी रौशनी कुमारी की इस पूरे मामले में सक्रियता कई सवाल खड़े कर रहे थे।

क्या है रोशनी पर आरोप

शंभू हॉस्टल में रहने वाली छात्रा को 6 जनवरी को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कहा जा रहा है कि हमने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दे दी थी। इसके बावजूद चित्रगुप्त नगर पुलिस 6, 7 और 8 जनवरी तक खामोश रही। 9 जनवरी को छात्रा की हालत नाजुक हो गई तब पुलिस की सक्रियता बढ़ी। लेकिन, पुलिस ने पूरे मामले को सुसाइड बताने में लगी रही। परिजन की ओर से रेप की शिकायत दर्ज करने के बाद थानाप्रभारी रोशनी कुमारी घटनास्थल का निरीक्षण नहीं किया। उनकी इस लापरवाही की वजह से महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो गए। एसआईटी अब रोशनी कुमार से इन सारे सवाल का जवाब मांग रही है।

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