
बिहार की सड़कों के खराब होने के लिए चूहों को जिम्मेदार ठहराया गया है। (फोटो सोर्स : पत्रिका)
Mokam–Bakhtiyarpur four-lane highway : मोकामा बख्तियारपुर फोर लेन सड़क में कुछ ही महीनों में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने नई बनी सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे होने की शिकायत अफसरों से की है। उन्होंने सड़क निर्माण की क्वालिटी पर भी सवाल उठाया है। इसके बाद मौका-मुआयना में अफसरों को खस्ताहाल सड़क दिखाई दी। इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। सड़क बनाने वाली कंपनी BSCPL infra के प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि सड़क का यह हाल चूहों के कारण हुआ है।
प्रोजेक्ट मैनेजर तरुण प्रसाद ने बख्तियारपुर पुल के पास एनएच-31 के नए बने हिस्से में बड़े-बड़े गड्ढे और सड़क धंसने के पीछे चूहों के बिल और पानी रुकने को कारण बताया। उनके मुताबिक यह इलाका पानी से भरा रहता है और सड़क के किनारों पर बनी 1.5 मीटर की कच्ची साइड स्लोप चूहों और पानी के बहाव से कमजोर हो गई। उन्होंने बताया कि मरम्मत का काम चल रहा है।
हालांकि, स्थानीय निवासी इस दावे को मानने को तैयार नहीं हैं। स्थानीय निवासी विवेक यादव का कहना है कि इतने बड़े गड्ढे चूहों से नहीं हो सकते। उनका आरोप है कि फोर लेन सड़क से मिट्टी बहकर पास के पुल के नीचे जमा हो रही है, जिससे कीचड़ की परत बन गई है। उन्होंने बताया कि पुल के नीचे की सड़क निर्माण के बाद से लगभग डेढ़ फीट धंस चुकी है, जिससे पानी रुक रहा है और ई-रिक्शा के मोटर खराब हो रहे हैं।
बख्तियारपुर पुल के 1 लेन का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसी साल मार्च में किया था, जिसके बाद 4 लेन की सड़क आम जनता के लिए खोल दी गई। 44.6 किमी लंबे एनएच-31 ब्लॉक का निर्माण जून 2017 में शुरू हुआ था। इसकी अनुमानित लागत 837 करोड़ रुपये थी और इसे 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण डेडलाइन मार्च 2023 तक बढ़ गई और लागत बढ़कर लगभग 1,167 करोड़ रुपये हो गई।
Updated on:
13 Aug 2025 02:26 pm
Published on:
12 Aug 2025 06:17 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
पटना
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
