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Credit Card Scheme Scam : 55000 छात्र एजुकेशन लोन लेकर हुए लापता, बिहार सरकार ने बिठाई जांच

Student Credit Card Scheme Scam में 60,722 छात्रों में से मात्र 5,737 छात्रों ने किस्त चुकाई।

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पटना

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Ashish Deep

Jul 24, 2025

Student Credit Card Scheme Scam

बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन ने 18 जुलाई तक की समीक्षा में पाया। पत्रिका

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी Student Credit Card Scheme में बड़ा घपला सामने आया है। हालिया समीक्षा में पाया गया है कि करीब 55,000 छात्र, जिन्होंने राज्य सरकार से एजुकेशन लोन लिया था, अब गायब हो गए हैं। न तो वे कर्ज चुका रहे हैं, न ही उनसे संपर्क हो पा रहा है। इस खुलासे के बाद बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन ने इन डिफॉल्टर छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।

60,722 छात्रों ने कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट किया

बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन ने 18 जुलाई तक की समीक्षा में पाया गया कि कुल 60,722 छात्रों ने कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट किया है। इनमें से मात्र 5,737 छात्रों ने या तो किस्त चुकाई या शपथपत्र जमा कर भरोसा दिलाया कि वे पेमेंट करेंगे। बाकी 55,000 से ज्यादा छात्र लापता हैं यानी न कोई संचार, न भुगतान और न ही कोई जवाब।

पटना के सबसे अधिक मामले

पटना जिले में 4,374 छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन अब तक केवल 1,733 पर ही केस फाइल हो पाया है। बाकी 2,641 छात्रों को अब तक न तो नोटिस भेजा गया है और न ही नीलामी जैसी कोई प्रक्रिया शुरू की गई है।

समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और गया में भी ज्यादा छात्र

समस्तीपुर में 2,498 छात्रों में से 1,358 पर मुकदमा दर्ज हुआ, जबकि केवल 336 ने ही शपथपत्र या किस्त जमा की। मुजफ्फरपुर में 1,928 में से 760 पर केस दर्ज किया गया और 680 को नोटिस भेजा गया है। गया जिले में स्थिति थोड़ी बेहतर है, जहां 2,494 में से 429 छात्रों ने या तो किस्त दी या शपथपत्र सौंपा। दरभंगा में 1,459 छात्रों में से 524 ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।

कर्ज वसूली में सुस्ती

इस पूरी स्थिति ने Student Credit Card Yojana की निगरानी और जवाबदेही व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। योजना के तहत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाता है, जिसमें राज्य सरकार 0% ब्याज पर भुगतान करती है और पढ़ाई पूरी होने के बाद किस्तों में वसूली की जाती है। लेकिन अब यह लग रहा है कि न तो छात्रों का ठीक से ट्रैक रखा गया और न ही कर्ज देन के बाद उनकी निगरानी की गई। कई छात्र तो सालों से ट्रेस तक नहीं हो सके हैं। कॉरपोरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि डिफॉल्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की जाए और वसूली जल्दी हो।