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पसोपेश में तेजस्वी, कांग्रेस का हाथ या माया का साथ?

मायावती ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रस के साथ तालमेल से मना कर आरजेडी को भी सांसत में डाल दिया है...

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पटना

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Prateek Saini

Oct 06, 2018

tejashwi yadav file photo

tejashwi yadav file photo

प्रियरंजन भारती की रिपोर्ट...

(पटना): कांग्रेस को लेकर मायावती के उखड़े तेवर से बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी सोच में पड़ गए हैं कि मायावती के उखड़े तेवर को आखिर कैसे सही किया जाए। गौरतलब है कि लालू यादव हमेशा इस बात की हिमायत करते रहे कि सपा-बसपा यदि महागठबंधन का हिस्सा हो जाएं, तो यूपी-बिहार में भाजपा को आसानी से उखाड़ा जा सकता है, लेकिन मायावती के नए ऐलान से तेजस्वी पशोपेश में पड़ गए हैं कि क्या करें? मायावती ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रस के साथ तालमेल से मना कर आरजेडी को भी सांसत में डाल दिया है।

बिहार की इन सीटों को प्रभावित करती है बसपा

आरजेडी का महागठबंधन कांग्रेस के साथ है और बसपा का कोई बड़ा प्रभाव बिहार में नहीं है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के भोजपुर, रोहतास और कैमूर जिलों में बसपा चुनावी समीकरण को गंभीरता से प्रभावित करती है। विधानसभा चुनावों में जीत-हार के बीच माया की पार्टी इन इलाकों में बड़ा फैक्टर बन जाती हैं।


साल 2015 में तो नहीं, पर 2010 के चुनाव में बसपा के विधायक सदन में जीतकर आ चुके हैं। ऐसी दशा में मायावती का बिगड़ैल रूप बिहार की विपक्षी एकता के प्रयासों में रोड़े बिछा रहा है। लिहाजा आरजेडी नेता आगे की रणनीति को लेकर चिंतित हैं। कांग्रेस के साथ आरजेडी का पुराना संबंध है।

दिग्विजय को लेकर माया ने दिया बयान तो तेजस्वी ने साधी चुप्पी

दो दिनों पूर्व जब दिग्विजय सिंह पटना पहुंचे और नीतीश के बारे में बड़ा बयान दिया, तब वह तेजस्वी यादव से भी मिले और आगे की योजनाओं पर विचार किया। इसी दिन मायावती के दिग्विजय सिंह के बारे में दिए गए बयान से आरजेडी नेता सकते में पड़ गए। तेजस्वी ने इस पर चुप्पी साध ली और कुछ भी कहने से मना कर दिया।


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