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दर्शकों को थिएटर तक लाना मुश्किल

आधी आबादी यानी महिलाओं की सोच को अखबार में उतारने के लिए पत्रिका की संडे वुमन गेस्ट एडिटर की पहल के तहत आज की गेस्ट एडिटर अभिनेत्री नीलू वाघेला हैं। मूलत: फतेहपुर शेखावटी की नीलू न सिर्फ राजस्थानी सिनेमा इंडस्ट्री में जाना-पहचाना नाम हैं, बल्कि टेलीविजन जगत के जरिए आपने देशभर में पहचान बनाई है। आप मानती हैं कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी होना चाहिए।    

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Sep 25, 2022
दर्शकों को थिएटर तक लाना मुश्किल

जयपुर. आज भी जब मैं सुबह सेट पर जाती हूं, तो काम से ज्यादा सीखने की ललक रहती हैं। खुद को तैयार करने और लक्ष्य तक पहुंचने में इसी जज्बे ने मदद की है। मुझे पहचान दिलाने के पीछे मेरी मां का संघर्ष सबसे अहम है। राजस्थान के ग्रामीण अंचल से निकलकर उन्होंने मुझे तैयार किया। आर्थिक तंगी से लेकर लोगों के विरोध को भी उन्होंने खुद पर हावी नहीं होने दिया। मैं मुम्बई में पली-बढ़ी और यहीं पर काम शुरू कर दिया। राजस्थानी सिनेमा में खास-पहचान मिली और उसके बाद टीवी सीरियल के जरिए ‘भाबो’ के किरदार ने मुझे आमजन के बीच लोकप्रिय बना दिया। चुनौतियों को मैंने खुले हाथ स्वीकारा और उनका सामना किया। महिलाओं के लिए कहना चाहूंगी कि सहन करने की आदत न बनाएं, खुद पर गलत होने पर आवाज उठाएं। यंगस्टर्स के लिए सलाह है कि शॉटकर्ट अपनाने की बजाय मेहनत की आदत अपनाएं।

आज दर्शकों को थिएटर तक लाना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में राजस्थानी सिनेमा इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी चुनौतियां हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर राजस्थानी वेबसीरीज की अपार संभावनाएं हैं, कई ऐसे कलाकार भी हैं, जो बेहद अलग कं टेंट पर काम कर रहे हैं, उन कलाकारों को मौके देने चाहिए। मुझे लगता है कि सफलता के लिए समय की जरूरत को समझते हुए काम के तरीकों में बदलाव लाना जरूरी है। आज परम्परागत सिनेमा व टीवी इंडस्ट्री पूरी तरह बदल गई है, लम्बी रेस के लिए हर उम्र में खुद को भी अपडेट रखना बेहद आवश्यक है।

Published on:
25 Sept 2022 03:01 pm
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