
किसान का बेटा बना बीएसएफ जवान (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: बालोद जिले के ग्राम मेढ़की के लिए गर्व का क्षण आया, जब किसान का बेटा खिलेश्वर साहू सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ ) की एक वर्ष का कठिन प्रशिक्षण पूरा कर अपने गृह ग्राम लौटे। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल है।
बीएसएफ में चयन के बाद खिलेश्वर साहू ने शारीरिक, मानसिक और अनुशासनात्मक प्रशिक्षण को पूरी निष्ठा और साहस के साथ पूर्ण किया। रविवार को जब घर लौटे, तो पूरा गांव सम्मान और गर्व से झूम उठा। उनका स्वागत गाजे-बाजे आतिशबाजी के साथ फूल-मालाओं, रैली और जयकारों के बीच किया गया। लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए।
उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत और लगन से किसी भी परिस्थिति को बदला जा सकता है। उसकी कहानी अब गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उसकी तरह अब अन्य बच्चे भी बड़ी उम्मीदों और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
पिछले वर्ष जनवरी में ग्वालियर में ट्रेनिंग के लिए रवाना हुए खिलेश्वर साहू ने एक वर्ष की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की। हर कोई उसकी इस उपलब्धि पर खुशी से झूम रहा था। उन्होंने अपने गांव के हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और अपने परिवार से मिलकर उनका आभार जताया।
उनके पिता मोतीलाल साहू ने कहा कि अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से यह मुकाम हासिल किया। आज वह सेना में है और हमें बहुत गर्व है। गांव के बुजुर्ग और युवा उसकी सफलता से खुश हैं। पूर्व सरपंच कमलेश श्रीवास्तव व गांव के प्रमुख धनराज साहू ने कहा कि सामान्य परिवार के बेटे का बीएसएफ में चयन होना पूरे गांव के लिए प्रेरणादायक है। इससे गांव के और बच्चे भी प्रेरित होंगे।
खिलेश्वर गरीब परिवार का बेटा है और उसके पिता मोतीलाल साहू किसानी कार्य करते हैं। गांव वालों का प्रेम देखकर खिलेश्वर की आंखों में आंसू आ गए। जब अपने घर पहुंचे तो मां-पिता का आशीर्वाद लिया। मां ललिता साहू ने आरती उतारी और चंदन रोड़ी से तिलककर मिठाई खिलाई। इस दौरान अपने बेटे के गर्व को देख वह भी अपने आसु नहीं रोक पाए।
Published on:
19 Jan 2026 01:10 pm
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