महाराणा कुंभा संगीत परिषद की ओर से आयोजित हुई प्रतियोगिता
जयपुर. महाराणा कुम्भा संगीत परिषद और डॉ. यशवंत कोठारी चैरिटेबल टद्वट की ओर से हालही में उदयपुर के कुंभा भवन में आयोजित 3 दिवसीय संगीत एवं नृत्य प्रतियोगिता में जयपुर के कलाकारों का बोलबाला रहा है। कार्यक्रम में शास्त्रीय गायन, वादन एवं नृत्य में राज्य के लगभग 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। उदीयमान कलाकार प्रतियोगिता (सीनियर वर्ग) में कथक गुरु श्वेता गर्ग की शिष्या सांझाी दीक्षित ने जयपुर घराने का शुद्ध कथक नृत्थ्य पेश किया। इस मौके पर सांझाी को महाराणा कुंभा गौरव अवॉर्ड से नवाजा गया। कार्यक्रम में श्वेता गर्ग की ही शिष्या तनिष्का के साथ पांच और कलाकारों को कुंभा कलाश्री अवॉर्ड प्रदान किया गया।
पंजाब घरान की लयकारी
कार्यक्रम में जयपुर के इंजीनियर एवं युवा उभरते हुए तबला वादक विनय कड़ेल को तबला वादन के क्षेत्र में एवं सौरव वशिष्ठ को शास्त्रीय गायन में महाराणा कुंभा संगीत गौरव एवं महाराणा कुम्भा संगीत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विनय ने ताल-त्रिताल विलंबित लय में पेशकार, जिसमे पंजाब घराने की लयकारी एवं दिल्ली घराने के कायदे से लोगो को रूबरू कराया । दु्रत एवं अतिदु्रत लय में पारंपरिक बंदिशो को पेश किया, वही शहर के युवा शास्त्रीय गायक सौरव वशिष्ठ ने राग पुरिया कल्याण में विलंबित एवं मध्यलय में ख्याल गायकी से श्रोताओ का दिल जीत लिया। सौरव वशिष्ठ पं. कुंदलमल शर्मा के सानिध्य में गुरु शिष्य परंपरा से लगभग 10 वर्ष से शिक्षा प्राप्त कर रहे है। इस सम्मान को पाने के बाद मार्च में महाराणा कुम्भा संगीत समारोह में प्रस्तुति का मौका दिया जाता है ।