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Master Plan 2041: नए मास्टर प्लान से बदलेगी बालोद की तस्वीर, 10 गांव होंगे शामिल, जून में प्रकाशन संभव

Master Plan 2041: नए मास्टर प्लान में इन गांवों को चयन करने का उद्देश्य भी यही है। भविष्य में शहर के साथ गांवों के विकास को ध्यान में रखते हुए जनहित से जुड़े काम कराने की योजना है।

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2041 के लिए बन रहा मास्टर प्लान (फोटो सोर्स- पत्रिका)

2041 के लिए बन रहा मास्टर प्लान (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Master Plan 2041: जिस मास्टर प्लान को नगर निवेश व शासन को 2021 में तैयार कर लेना था, वह चार साल बाद भी तैयार नहीं हो पाया है। नगर निवेश विभाग के मुताबिक अब नया मास्टर प्लान आगामी जून या जुलाई में आ सकता है। डायरेक्टर स्तर पर इसकी प्रक्रिया चल रही है।

निवेश क्षेत्र में बालोद के 20 वार्डों के अलावा 10 गांव शामिल होंगे। इस साल 10 गांव को बालोद निवेश क्षेत्र में शामिल कर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। हालांकि कब तक यह प्रक्रिया पूरी होगी, इस संबंध में कोई बता नहीं पा रहा है। छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 15 की उपधारा (1) के अधीन बालोद पुनर्गठित निवेश क्षेत्र में ग्राम झलमला, पाकुरभाट, देवारभाट एवं उमरादाह को शामिल किया गया है। मानचित्र की एक-एक प्रति का प्रकाशन चारों स्थानों में किया जा चुका है।

Master Plan 2041: मास्टर प्लान में इन गांवों को करेंगे शामिल

बालोद नगर निवेश क्षेत्र यानी मास्टर प्लान 2041 तक के लिए रहेगा, जिसमें बालोद शहर सहित ग्राम झलमला, उमरादाह, पाकुरभाट, देवारभाट, पाररास, खैरतराई, बघमरा, सिवनी, हीरापुर शामिल किया गया है। दरअसल इन गांवों में आवासीय, प्रशासनिक, व्यवसायिक एवं अन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ रही है। जून में प्रकाशन के बाद दावा आपत्ति व जनसुनवाई के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

शहर के साथ गांव का भी विकास

नए मास्टर प्लान में इन गांवों को चयन करने का उद्देश्य भी यही है। भविष्य में शहर के साथ गांवों के विकास को ध्यान में रखते हुए जनहित से जुड़े काम कराने की योजना है। इसके तहत नाली, सडक़, पुल-पुलिया, यातायात को व्यवस्थित करने जरूरी काम, नियमितिकरण सहित लोगों की सुविधा के लिए काम होंगे।

शहरवासियों को सबसे ज्यादा इंतजार

शहरवासियों को सबसे ज्यादा इंतजार किसी का है तो वह है नए मास्टर प्लान का। नए मास्टर प्लान के तहत आगे काम किया जाएगा। विभाग लंबे समय से चल रहे नए मास्टर प्लान को पूरा करने का प्रयास कर रहा है, जिससे जल्द मास्टर प्लान तैयार हो जाए और इसका लाभ मिलेगा।

झलमला के ग्रामीणों ने किया था विरोध

नगर निवेश विभाग के सर्वे एवं नए मास्टर प्लान के मानचित्र में झलमला को भी शामिल किया है। बड़ी बात यह है कि झलमला में प्रशासन ने हमर बालोद का नेम प्लेट लगा दिया था। उस नेम प्लेट को भी तोड़ दिया गया था। हालांकि किसने तोड़ा, इसकी जानकारी भी नहीं हो पाई। झलमला के लोगों ने कलेक्ट्रेट में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था कि झलमला को स्वतंत्र रहने दो। अब जनसुनवाई होगी व दावा आपत्ति का समय आएगा तो इन ग्रामीणों को कैसे मनाया जाएगा।

मास्टर प्लान के बाद यह होगा फायदा

जो भी लोग भी निवेश क्षेत्र के दायरे में आ रहे हैं, उनकी कॉलोनी या घर के सामने सडक़ या नाली नहीं बनी है या मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है, तो आप आवेदन के माध्यम से अपनी समस्या अफसरों को बता सकते हैं। निवेश क्षेत्र के मानचित्र के हिसाब से समस्या को दूर करने डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाएगा। निकासी की सुविधा नहीं है, तो नाली बनेगी। आने-जाने में कठिनाई हो रही है तो सडक़ बनेगी। इसके अलावा अन्य सुविधाएं मिलेंगी।

वर्तमान में हो रहा अव्यवस्थित विकास

नगर एवं आसपास के क्षेत्र की बात करें तो वर्तमान में अव्यवस्थित तरीके से विकास कार्य हो रहा हैं, जिससे शहर में अन्य विकास कार्यों के लिए जगह की कमी हो रही है। नए मास्टर प्लान के बाद व्यवस्थित तरीके से विकास कार्य होगा।

नए मास्टर प्लान की प्रक्रिया डायरेक्टर स्तर पर चल रही है। मास्टर प्लान 2041 तक के लिए बनाया जा रहा है। जून या जुलाई तक जनसुनवाई, दावा-आपत्ति की जाएगी। मास्टर प्लान में कुल दस गांव शामिल हैं, जिसमें झलमला, उमरादाह, सिवनी, देवारभाट व पाकुरभाट को शामिल किया गया है। - शाश्वती घोष, प्रभारी सहायक संचालक, नगर निवेश बालोद