
गीत और कविता, संगीत के साथ-साथ व्यक्ति के मन को भी टटोलते हैं : इरशाद कामिल
अनुराग त्रिवेदी
जयपुर. मनस्विता समूह और प्रधी साहित्य एवं सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन आयोजित किए जा रहे छह दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सहित्यिक आयोजन डियर साहित्यकार सम्मेलन के पहले दिन पहला सत्र गीत और कविता के नाम रहा। इस सत्र में तन्हा तेरे बगैर, इश्क में तेरे, आज दिन चढ्या, जैसे बेहद चर्चित और सफल गानों के गीतकार- कवि गीतकार इरशाद कामिल और समुद्र पर हो रही है बारिश, विनोद चारुशीला, चंबल एक नदी का नाम जैसी कविताओं के रचयिता कवि नरेश सक्सेना ने कवि कौन गीतकार कौन विषय पर खुलकर चर्चा की। कार्यक्रम के फाउंडर डायरेक्टर सुनील नारनोलिया ने बताया इरशाद कामिल ने कविता लिखने, समझने और आत्मसात के साथ-साथ समाज के संप्रेषण पर जोर दिया, वहीँ नरेश सक्सेना ने कहा कि कविता में समाज की चिंताओं का समावेश होना चाहिए कविता की अभिव्यक्ति में सरलता, संवेदना होनी चाहिए, कविता का अंतिम लक्ष्य संवेदना है । भाषा व्याकरण विचार कविता को सफल बनाते हैं।
लेखक और गीतकार जिम्मेदारी के साथ कलम उठाते हैं
गीतकार इरशाद कामिल ने कहा कि कवि और गीतकार को लिखते समय संवेदनाओं सामंजस्य रखना चाहिए। जब लेखक गीतकार या कोई अन्य व्यक्ति कलम उठा लेता है, वह यह जिम्मेदारी ले लेता है कि कोई भी विषय हो, समाज की जिम्मेदारी, समय का चिंतन और समकालीन बातों का विश्लेषण होना चाहिए। गीत और कविता संगीत के साथ-साथ व्यक्ति के मन को भी टटोलते हैं।
प्रवासी भारतीयों का हिंदी साहित्य और संस्कृति में योगदान
कार्यक्रम के संयोजक राकेश कुमार ने बताया दूसरे सत्र में प्रवासी भारतीयों का हिंदी साहित्य और संस्कृति में योगदान पर केंद्रित था। इस सत्र में ब्रिटेन से प्रख्यात साहित्यकार ज़किया जुबैरी और तेजेन्द्र शर्मा, ऑस्ट्रेलिया से रेखा राजवंशी में वक्त के रूप में उपस्थित रहे। इस सत्र को नीलिमा टिक्कु ने मॉडरेट किया। तीसरे सत्र में दलित साहित्य की सामाजिक वैचारिकी विषय पर चिंतन किया गया, इस सत्र में प्रख्यात दलित चिंतक और लेखक भंवर मेघवंशी से जामिआ मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के मुकेश कुमार मिरोठा ने की। सत्र में यह सामने आया की दलित समाज की सामाजिक स्थिति पर गंभीरता से चिंतन किया जाना आवश्यक है सिर्फ वादों और सपनों से कुछ नहीं होगा। जरुरत इस बात की है कि सब में समदृष्टि का भाव विकसित किया जाना आवश्यक है।
Published on:
23 Feb 2022 08:01 pm

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