- गवर्नमेंट ने जयपुर के हिमिश अग्रवाल के स्टार्टअप को दी 30 लाख की ग्रांट
अनुराग त्रिवेदी
जयपुर. भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से जयपुर के स्टार्टअप सहित राजस्थान से संबंध रखने वाले तीन स्टार्टअप को एक करोड़ रुपए की ग्रांट के लिए चुना है। ये तीनों स्टार्टअप जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के इन्क्यूबेशन सेल की मदद से आगे बढ़ रहे हैं। इस ग्रांट स्कीम में जयपुर के 22 वर्षीय हिमिश अग्रवाल के 'पोर्तो विजुअल' स्टार्टअप को 30 लाख रुपए की ग्रांट मिली है। इस स्कीम में इनके अलावा 'कार्गो एक्सचेंज' और 'एलॉय ई-सेल' को भी ग्रांट मिली है। इनक्यूबेशन सेल के सीईओ धीमंत अग्रवाल ने बताया कि यूनिवर्सिटी की ओर से छह स्टार्टअप स्कीम के लिए भेजे गए थे, जिसमें से तीन को सलेक्ट किया गया है। सेल की हेड कोमल जोशी ने बताया कि पूरे देश से 28 इनक्यूबेशन सेल ने 172 स्टार्टअप्स को ग्रांट के लिए भेजे गए थे, इनमें से 44 स्टार्टअप को ग्रांट के लिए चुना गया।
पोर्तो विजुअल
हिमिश अग्रवाल को लॉकडाउन के दौरान ये आइडिया आया कि ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए, जिससे लोगों को उस जगह का वास्तविक अनुभव हो जहां पर वह काम करते हैं। खूब रिसर्च के बाद उन्होंने पोर्तो विजुअल नाम से वर्चुअल प्लेटफॉर्म तैयार किया। हिमिश ने बताया कि अब तक वह 300 से अधिक संस्थानों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
कार्गो एक्सचेंज
हरि ने लोगों के ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ी समस्या का अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने कार्गो एक्सचेंज के नाम से ट्रांसपोर्टेशन एक्सचेंज प्लेटफॉर्म बनाया। इस स्टार्टअप को जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के इनक्यूबेशन सेल की ओर से भेजा गया। इसे भी 30 लाख रुपए की ग्रांट हासिल हुई।
एलॉय ई-सेल
लखनऊ की रहने वाली निमिशा और नवीन ने एलोवेरा से इको फ्रेंडली बैटरी तैयार की है। इसके लिए सरकार की ओर से उन्हें 40 लाख रुपए की ग्रांट मिली है। उन्होंने बताया कि पहले 20 से अधिक हर्बल उत्पादों पर शोध किया। इसके बाद ही इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि इको फ्रेंडली बैटरी बनाने के लिए एलोवेरा ही सबसे उपयुक्त है। उन्होंने बताया कि इस बैटरी का उपयोग रेडियो, दीवाल घड़ी आदि में किया जा सकता है।